दौंगड़ा अहीर मामले में मृतका की मां ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस की तत्परता से बचा हादसा

दौंगड़ा अहीर मामले में मृतका की मां ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस की तत्परता से बचा हादसा
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 07:36 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, नारनौल : दौंगड़ा अहीर की बेटी सपना की नोएडा के गुरुकुल में हुई मौत मामले की जांच व पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को एक बार फिर से नारनौल लघु सचिवालय में महापंचायत का आयोजन किया गया। यहां मृतका सपना की मां ने कैरोसीन छिड़कर आत्मदाह करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस कर्मचारियों की तत्परता व महापंचायत में मौजूद लोगों ने उसके हाथ से कैरोसीन बोतल छीनकर उसे बचा लिया। इससे कोई हादसा नहीं हो पाया।

परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी सपना की नोएडा के गुरुकुल के संचालकों द्वारा दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। इस मामले को लेकर मृतका के परिजनों ने नोएडा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस ने गुरुकुल संचालकों के साथ मिलकर एफआइआर को रद कर दिया। इसके बाद मृतका के परिजन स्थानीय पुलिस प्रशासन से लेकर राज्यमंत्री व सरकार से कई बार मांग पत्र सौंपकर मामले की जांच सीबीआइ से करवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। हालांकि इस मामले में कनीना थाने में शिकायत दर्ज की गई है, लेकिन इसमें भी मुख्य धाराओं को नहीं जोड़ा गया है। कार्रवाई नहीं होने पर गत 13 सितंबर को दौंगड़ा अहीर में एक महापंचायत का आयोजन कर उक्त मामले की सीबीआइ जांच करवाने की मांग की थी। वहीं पुलिस प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 27 सितंबर तक का समय दिया गया था। जिसके बाद 28 सितंबर को नारनौल लघु सचिवालय में महापंचायत करने के साथ मृतका की मां ने लघु सचिवालय में आत्मदाह करने की बात कही थी। इस निर्णय के अनुसार सोमवार को लघु सचिवालय में महापंचायत को आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न राजनीति व सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मृतका सपना की मां जिसके पास कैरोसीन की बोतल थी ने अपने ऊपर कैरोसीन छिड़कना शुरू किया, लेकिन वहां तैनात पुलिस कर्मियों की इस पर नजर पड़ गई। इस पर उन्होंने तुरंत महिला के पास से कैरोसीन की बोतल छीनकर कर बचा लिया।

काफी दिन से चल रहा है मामला :

दौंगड़ा अहीर की बेटी की नोएडा के गुरुकुल की मौत का मामला काफी दिनों से चल रहा है। इस मामले में विभिन्न राजनीति पार्टियों से लेकर सामाजिक संगठनों के लोग प्रदेश सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की सीबीआइ जांच करवाने की मांग कर चुके हैं। मामला काफी चर्चित होने के बाद उच्च न्यायालय से अधिवक्ताओं की एक टीम भी मृतका के परिजनों से मिलने पहुंची थी तथा हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिया था, लेकिन अभी तक इस मामले की सच्चाई सामने नहीं आ सकी है।

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