डेंगू को लेकर लोगों का जागरूक होना जरूरी

जागरण संवाददाता नारनौल मौसम की अनियमितता की वजह से जिले में डेंगू के मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा है।

JagranThu, 28 Oct 2021 05:59 PM (IST)
डेंगू को लेकर लोगों का जागरूक होना जरूरी

जागरण संवाददाता, नारनौल : मौसम की अनियमितता की वजह से जिले में डेंगू के मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में लोगों में डेंगू को लेकर जागरूकता होनी जरूरी है। जिले में अब तक डेंगू के 127 मरीज मिल चुके है। नागरिक अस्पताल के शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डा. मदन यादव ने बताया कि डेंगू एक आम संचारी रोग है जिसका मुख्य लक्षण तीव्र बुखार, अत्यधिक शरीर दर्द तथा सिर दर्द होना है। बच्चों को डेंगू होने की आशंका अधिक रहती है। इससे बचने के लिए जरूरी कदम उठाना जरूरी है। डेंगू वायरस द्वारा होता है। आम भाषा में इस बीमारी को हड्डी तोड़ बुखार कहा जाता है, क्योंकि बुखार होने के बाद शरीर और जोड़ों में बहुत दर्द होता है।

ऐसे फैलता है डेंगू : मलेरिया की तरह डेंगू बुखार का जनक भी एडीज मच्छर है। बरसात के मौसम में, यानी जुलाई से अक्टूबर तक डेंगू ज्यादा फैलता है।

बच्चों को कैसे प्रभावित करता है डेंगू : बच्चे अपनी विकासशील प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण बीमारी का ज्यादा शिकार होते हैं। जब वे बाहर खेल रहे होते हैं तो तमाम तरह के कीटाणुओं और वायरस के संपर्क में आते है। सुबह और शाम में डेंगू मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, जबकि उसी समय बच्चे घर से बाहर होते हैं।

संक्रामक काल : जिस दिन डेंगू वायरस से संक्रमित कोई मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो उसके लगभग तीन से पांच दिनों के बाद ऐसे व्यक्ति में डेंगू बुखार के लक्षण प्रकट हो सकते है। यह संक्रामक काल तीन से दस दिन तक भी हो सकता है।

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डेंगू बुखार के लक्षण

साधारण बुखार : ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार चढ़ना। सिर, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना। आंखों के पिछले भाग में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से बढ़ जाता है। अत्यधिक कमजोरी लगना, भूख में बेहद कमी तथा जी मिचलाना। मुंह के स्वाद का खराब होना। बच्चों में लगातार खांसी आना और नाक बहना। गले में हल्का दर्द होना। रोगी बेहद दुखी तथा बीमार महसूस करता है। शरीर पर लाल रेशे या गुलाबी रेशे निकल सकते हैं। साधारण डेंगू बुखार की अवधि सीमित रहती है और रोगी ठीक हो जाता है। अधिकतर मामलों में रोगियों को साधारण डेंगू बुखार ही होता है।

हैमरेजिक बुखार : यदि साधारण डेंगू बुखार के लक्षणों के साथ-साथ नाक, मसूड़ों से खून आना, शौच या उल्टी में खून आना, त्वचा पर गहरे नीले काले रंग के छोटे या बड़े चकत्ते पड़ जाना हैमरेजिक के लक्षण हैं।

शाक सिंड्रोम : इसमें रोगी अत्यधिक बेचैन हो जाता है और तेज बुखार के बावजूद उसकी त्वचा ठंडी महसूस होती है। रोगी धीरे-धीरे होश खोने लगता है। रोगी की नब्ज का कमजोर होने के साथ ब्लड प्रेशर भी कम होने लगता है। इसमें प्लेटलेट्स भी बेहद तेजी से गिरती है।

उपचार : स्वास्थ्य कर्मचारी की सलाह के अनुसार पैरासिटामोल की गोली लेकर बुखार को कम रखने की कोशिश करनी चाहिए। सामान्य रूप से भोजन देना जारी रखें। बुखार की स्थिति में शरीर को कैलोरी की आवश्यकता रहती है। रोगी को डिस्प्रिन, एस्प्रिन नहीं देनी चाहिए। रोगी को आराम करना चाहिए और ज्यादा पानी पीना चाहिए।

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