धर्मनगरी में दूसरे दिन जमकर बरसे मेघा, पानी से लबालब खेत

सितंबर के अंतिम सप्ताह में तीन दिन से रुक-रुक हो रही बारिश फसलों पर आफत बन गई है। तेज बारिश से जिला भर में कई जगहों पर खेतों में खड़ी फसल पानी में गिर गई है।

JagranFri, 24 Sep 2021 06:22 AM (IST)
धर्मनगरी में दूसरे दिन जमकर बरसे मेघा, पानी से लबालब खेत

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : सितंबर के अंतिम सप्ताह में तीन दिन से रुक-रुक हो रही बारिश फसलों पर आफत बन गई है। तेज बारिश से जिला भर में कई जगहों पर खेतों में खड़ी फसल पानी में गिर गई है। इससे फसल खराब होने का अंदेशा बढ़ गया है। इस गैर जरूरी बारिश से किसानों को चौतरफा नुकसान हो रहा है। बारिश से खेतों में पककर तैयार खड़ी फसल की गुणवत्ता, उत्पादन, कटाई और बिजाई में देरी सहित बीमारियां फैलने का खतरा खड़ा हो गया है। बारिश में करीब 10 हजार एकड़ फसल को प्रभावित किया है।

जिले में शाम तक औसतन 41 एमएम बारिश हुई। दोपहर बाद शाम को पांच बजे के करीब आई बारिश से थानेसर की कई कालोनियों में बरसाती पानी जमा हो गया। बारिश के चलते वीरवार को दिन भर बिजली कटों ने भी लोगों को बेहाल रखा। दिन भर बिजली गुल रहने पर शाम होते-होते इन्वर्टर की बैट्री लो हो गई और बाजार में दुकानों में अंधेरा छा गया। मौसम विशेषज्ञों ने अगले एक दो दिन तक खुश्क होने का अनुमान जताया है।

10 फीसद धान कटी

जिला भर में एक लाख 18 हजार एकड़ के करीब में धान की फसल खड़ी है। इसी धान में 10 हजार एकड़ के करीब में लगाई गई धान कटाई के लिए तैयार है। ऐसे में इसी धान को सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है। अनाज मंडियों में पिछले करीब 15 दिनों से धान की आवक जारी है। जिला भर की अनाज मंडियों में भी एक लाख क्विंटल से अधिक धान पड़ा है।

कहां कितनी हुई बारिश

ब्लाक एमएम

थानेसर 40

पिहोवा 26

शाहाबाद 30

लाडवा 17

इस्माईलाबाद 90

बाबैन 46

फसलों के लिए गैर जरूरी है बारिश

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डा. प्रद्युम्मन भटनागर ने बताया कि इन दिनों फसलों में बारिश को कोई जरूरत नहीं थी। इस गैर जरूरी बारिश से धान की फसल को नुकसान का अंदेशा है। अगेती किस्म की धान पककर तैयार है, ऐसे में बारिश की बूंदों से धान को नुकसान हो सकता है।

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