ऐलिवेटिड रेल ट्रैक प्रोजेक्ट का लगाया टेंडर, सपना जल्द होगा पूरा

ऐलिवेटिड रेल ट्रैक प्रोजेक्ट का लगाया टेंडर, सपना जल्द होगा पूरा

एलिवेटिड रेल ट्रैक अब सपना नहीं रहेगा। जल्द ही प्रोजेक्ट हकीकत में उतरेगा। रेलवे ने 225 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के टेंडर लगा दिए हैं। कुरुक्षेत्र-कैथल रेलवे ट्रैक पर प्रोजेक्ट के मूर्त रूप मिलने के बाद शहर में आने वाली पांच फाटकों से निजात मिलेगी। थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने प्रोजेक्ट का सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दिया है।

JagranSun, 12 Jul 2020 08:30 AM (IST)

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : एलिवेटिड रेल ट्रैक अब सपना नहीं रहेगा। जल्द ही प्रोजेक्ट हकीकत में उतरेगा। रेलवे ने 225 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के टेंडर लगा दिए हैं। कुरुक्षेत्र-कैथल रेलवे ट्रैक पर प्रोजेक्ट के मूर्त रूप मिलने के बाद शहर में आने वाली पांच फाटकों से निजात मिलेगी। थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने प्रोजेक्ट का सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दिया है।

विधायक सुभाष सुधा ने शनिवार को दूरभाष पर बातचीत करते हुए कहा कि शहरवासियों को शहर के बीचोंबीच से नरवाना की तरफ जाने वाली रेलवे लाइन पर आने वाले पांच फाटकों सालों से ट्रैफिक जाम की समस्या रहती थी। इसके लिए रेलवे ऐलिवेटिड ट्रैक की परियोजना तैयार की गई थी। हरियाणा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास निगम लिमिटेड ने प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया। रेलवे लाइन का सर्वे मैट्रिक्स जीओ सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से कराया गया। इसके अनुसार कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से कैथल, नरवाना की तरफ जाने वाली रेलवे लाइन का छह किलोमीटर तक का निर्माण किया जाना है।

सॉयल टेस्टिग पर 76.30 लाख

इस प्रोजेक्ट की सॉयल टेस्टिग के कार्य पर लगभग 76.30 लाख रुपये में कराया गया है। इसके बाद सिगल पिल्लर सिगल ट्रैक का बेहतरीन डिजाइन तैयार किया गया। इस डिजाइन पर सरकार की मोहर लगने के बाद मुख्य प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने टेंडर जारी कर दिया है।

पीडब्ल्यूडी ने 2018 में भेजी थी रिपोर्ट

विधायक ने बताया कि 18 अक्तूबर 2018 को लोक निर्माण विभाग ने रेलवे मंत्रालय को छह किलोमीटर रेलवे लाइन पर रेलवे ऐलिवेटिड ट्रैक पर फिजीबिल्टी रिपोर्ट और 224.58 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च होने की रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के अनुसार 124.58 करोड़ रुपये राज्य और 100 करोड़ रुपये का बजट रेलवे विभाग को खर्च किया जाना है।

प्रोजेक्ट आगामी दो सालों में पूरा किया जाएगा। इससे शहर का सुंदरीकरण भी होगा।

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