राइस मिलरों के पास करोड़ों के चावल अटकने के मामले पर हरकत में आया प्रशासन

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : राइस मिलरों के पास सरकार का करोड़ों रुपये का चावल अटकने का मामला गर्मा गया है। इस मामले को लेकर डीसी ने शुक्रवार को ही बैठक बुलाकर अधिकारियों को इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त कार्यालय में सुबह ही बुलाई गई बैठक में सरकारी चावल जमा करवाने के काम में तेजी लाने के लिए अब 42 डिब्बों की जगह 58 डिब्बों की ट्रेन का रैक लगवाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता नियंत्रण मामले कार्यालय को निर्देश दिए गए हैं कि वह लेबर ठेकेदार से बात कर उन्हें पर्याप्त मजदूर मुहैया करवाने की हिदायत देंगे। इस काम में तेजी लाने के लिए राइस मिलरों को भी निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से धान खरीद कर जिले भर के राइस मिलरों को मि¨लग के लिए दिया गया था। राइस मिलरों को यही चावल मि¨लग के बाद एफसीआई के गोदामों में जमा करवाना है। लेकिन राइस मिलरों की ओर से चावल जमा करवाने में देरी हो रही थी। नियमानुसार जहां 15 फरवरी तक 70 प्रतिशत चावल जमा होना चाहिए था, अभी तक 64 प्रतिशत जमा हो पाया है। इस देरी का मामला संज्ञान में आने पर डीसी ने शुक्रवार को बैठक बुलाई। बैठक में पहुंचे हरियाणा राइस मिल एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल ¨सगला ने कहा कि राइस मिलर चावल जमा करवाने को तैयार हैं। लेकिन भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में चावल लगाने के लिए जगह ही नहीं है। गोदामों में जगह न होने के चलते राइस मिलर परेशानी झेल रहे हैं और ट्रक खाली होने में समय लगने पर ट्रक चालक चावल उठाने से मना कर रहे हैं।गोदामों में मजदूरों की कमी चल रही है। इस समस्या का जवाब मांगने पर एफसीआई के जिला प्रबंधक जनार्दन पासवान ने कहा कि अब उन्होंने रैक लगाने शुरू कर दिए हैं, गोदाम साथ ही साथ खाली हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह 42 डिब्बों वाली ट्रेन की जगह 58 डिब्बों वाली ट्रेन का रैक लगवाएंगे। इससे जल्द गोदामों में जगह हो जाएगी। इस मौके पर हैफेड जिला प्रबंधक अनूप नैन, एचडब्ल्यूसी सहायक प्रबंधक ओम प्रकाश सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। ठेकेदारों को भी दी जाएगी हिदायत

जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता नियंत्रण मामले अधिकारी नरेंद्र सहरावत ने बताया कि बैठक में लिए गए फैसले अनुसार अब 58 डिब्बों की ट्रेन के रैक लगाए जाएंगे।इसके अलावा मजदूरों की दिक्कत को दूर करने के लिए ठेकेदार को हिदायत दी जाएगी। पर्याप्त मजदूर उपलब्ध होने पर जल्द ट्रक खाली हो सकेंगे और राइस मिलर तय समय तक सरकार के चावल जमा करवा सकेंगे।

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