मैदान पर जीती खिलाड़ी, अव्यवस्थाओं से हारी

थानेसर खंड की दो दिवसीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं का बुधवार को पहला दिन रहा। पहले दिन लड़कियों की प्रतियोगिता करवाई गई। खंड स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन शिक्षा और खेल विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते खिलाड़ी अव्यवस्थाओं से हार गई।

JagranWed, 10 Nov 2021 05:06 PM (IST)
मैदान पर जीती खिलाड़ी, अव्यवस्थाओं से हारी

-महिला खिलाड़ी बोली : स्टेडियम के शौचालय से बेहतर तो शहर के सार्वजनिक शौचालय

- खंड स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को नहीं मिली बेहतर सुविधाएं

- योग भवन के पास बने सुलभ शौचालय की हालत भी दयनीय जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : थानेसर खंड की दो दिवसीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं का बुधवार को पहला दिन रहा। पहले दिन लड़कियों की प्रतियोगिता करवाई गई। खंड स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन शिक्षा और खेल विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते खिलाड़ी अव्यवस्थाओं से हार गई।

खंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता में न तो खेल अधिकारियों और न ही जिला शिक्षा विभाग ने दुरुस्त करवाने की तरफ ध्यान दिया। जिसका खामियाजा प्रतिभागी खिलाड़ियों को भुगतना पड़ा। स्टेडियम में पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं की गई। जिससे लड़कियों को स्टेडियम के मैदान के बीच में चल रहे फव्वारे से पानी पीना पड़ा। सुलभ शौचालय की व्यवस्था भी दयनीय मिली। जहां पर टायलेट शीट के ऊपर तक पानी भरा हुआ मिला और वाश ेबेशन की पाइप और टूंटी टूटी मिली। स्टेडियम में खेलने आई खिलाड़ियों ने इस पर चिता जताई और कुछ ने इससे बेहतर शहर के सार्वजनिक शौचालय बताए।

फव्वारे से पीने का पानी भरने को मजबूर

खेलने के बाद अपनी प्यास बुझाने के लिए खिलाड़ी स्टेडियम के बाहर लगे वाटर कूलर पर पहुंची तो वहां पर पानी की टंकी खाली मिली। जिसके बाद मजबूर होकर सभी खिलाड़ियों ने मैदान के बीच में लगे फव्वारे से पानी अपनी बोतलों में भरा और उसे ही पीया।

वर्जन :

खेलों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए बजट जारी किया गया है। स्टेडियम के शौचालय की व्यवस्था खेल विभाग के अधिकारियों को ही देखनी होती हैं। विभाग से तीन दिन पहले ही पत्र जारी कर प्रतियोगिता करवाने की परमिशन ली गई थी।

अरुण आश्री, जिला शिक्षा अधिकारी, कुरुक्षेत्र।

वर्जन :

शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में सिर्फ ग्राउंड की मांग की गई थी। प्रतियोगिता से पहले विभाग के किसी भी अधिकारी ने स्टेडियम का जायजा नहीं लिया। अगर वे सुलभ शौचालय या अन्य व्यवस्थाओं के बारे कहते तो वे इन्हें दुरुस्त करके देते।

जयभगवान, कार्यकारी, जिला खेल एवं युवा अधिकारी, कुरुक्षेत्र।

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