राफेल सौदे में मोदी सरकार ने देश सुरक्षा लगाई दांव पर : गुप्ता

संवाद सूत्र, बाबैन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे में देश की सुरक्षा को दाव पर लगाकर एक निजी कंपनी को करोड़ों का फायदा पहुंचाया और इस घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति को सौंप कर करवाई जाए। ये शब्द पूर्व विधायक रमेश गुप्ता ने बाबैन में पूर्व ब्लाक प्रधान जयपाल पांचाल के निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के द्वारा राफेल सौदे को लेकर जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपे गए हैं, ताकि इस मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ सके। भारतीय वायु सेना को 126 लड़ाकू विमान की जरूरत थी कांग्रेस के द्वारा वर्ष 2012 में की गई डील का आधार भी यही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने खरीदे जाने वाले लड़ाकू विमान की संख्या 126 से घटाकर कुल 36 कर दी। लड़ाकु विमानों की संख्या घटाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना से कोई विचार विर्मश नही किया। 2012 में लडाकू विमान का सौदा 526 करोड़ रूपये प्रति विमान के हिसाब से किया गया था जिनमें से 18 जहाज पूर्ण रूप से बने हुए तथा 108 जहाजों का सामान आन था। जिसको सरकारी कम्पनी एचएएल के द्वारा बनाया जाना था। जबकि उस डील में सबसे अच्छी बात यह थी कि फ्रांस के साथ तकनीकी हस्तांतरण भी होना था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नियमों को ताक पर रखकर इस डील को रद्द कर दिया। इस डील में देश का लगभग 40 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रधान जयपाल पांचाल, मामचंद प्रजापत, रामपाल सैनी, रामऋषि सैनी, प्रवीन ¨सगला, जसवत धीमान, गोपाल शर्मा, गुलशन अत्री, भूषण बाबैन, म¨हद्र सैनी, कर्मबीर शर्मा मौजूद रहे।

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