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कंटेनमेंट जोन में मरीजों व गर्भवती महिलाओं का घर बैठे होगा उपचार

विनीश गौड़, कुरुक्षेत्र : प्रदेश में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद बनाए गए कंटेनमेंट और बफरजोन में फंसे मरीजों व गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग घर बैठे फोन, वीडियो चैट और चैट के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए ई-संजीवनी नाम से एक आनलाइन ओपीडी शुरू की है, जिसमें प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात 28 चिकित्सकों ने आनलाइन परामर्श देने के लिए हामी भरी है। इनमें से भी सात चिकित्सक अकेले कुरुक्षेत्र से हैं। कंटेनमेंट और बफरजोन के लोगों के लिए यह बड़ी राहत होगी। खासकर गर्भवती महिलाओं को सुबह 11 से दोपहर एक बजे और तीन से सायं पांच बजे तक चिकित्सक मोबाइल पर जांच करेंगे। कुरुक्षेत्र के सबसे ज्यादा चिकित्सकों ने इस योजना में सहभागिता करने में रुचि दिखाई है। लैपटॉप या पर्सनल कंप्यूटर, जिसमें विडो ऑपरेटिग सिस्टम, 8.0 विडोज काम करता वेबकैम, स्पीकर्स, माइक्रोफोन, ब्राउसर और इंटरनेट कनेक्शन होगा। ईएसएएनसंजीवनीओपीडीडॉटइन पर मरीजों को अपना रिकॉर्ड अपलोड करना होगा। इसके बाद चिकित्सक उन्हें आनलाइन वीडियो या कॉल और चैट के माध्यम से परामर्श देंगे, जरूरत पड़ने पर लैब टेस्ट का परामर्श भी दे सकते हैं। प्रदेश भर के इन चिकित्सकों ने कराया रजिस्ट्रेशन

सोनीपत के डा. कृष्ण टहलन, डा. मंजू अरोडा, डा. राजेश सिघल, डा. राम नारायण टहलन, डा. चंद्र प्रकाश अरोड़ा, डा. अलंकृता गेरा, डा. रवि शंकर, डा. विपिन दलाल, यमुनानगर से दो चिकित्सक डा. गीतांजलि और डा. पूनम दहिया, सिरसा से भी दो चिकित्सक डा. पंकज गोयल और डा. कुलदीप सैन, फरीदाबाद से चार डा. उपेंद्र भारद्वाज, डा. सतीश वर्मा, डा. आरएस गौड़ और डा. अरुणा गोयल, तीन पंचकुला के चिकित्सक डा. गोपाल भारद्वाज, डा. संदीप छाबड़ा और डा. एमपी शर्मा आनलाइन उपचार देने के लिए आगे आए हैं। कुरुक्षेत्र से खुद एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. शैलेंद्र ममगाईं शैली, हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. मनु सोनी, रेडियोलॉजिस्ट डा. लज्जाराम, मनोरोग विशेषज्ञ डा. सुरेंद्र मंढान, डा. विजय कुमार, डा. विकास मुदगल और सर्जन डा. राजेश ने आनलाइन मरीजों का उपचार करने के लिए अपना नाम भेजा है। घर बैठे हुए मिलेगा छोटी मोटी समस्या का समाधान : डा. शैलेंद्र

एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने बताया कि ई-संजीवनी करके एक आनलाइन ओपीडी सरकार की ओर से देश भर में शुरू की गई है, जिसमें कुरुक्षेत्र से सात चिकित्सकों ने पंजीकरण कराने के लिए अपना नाम भेजा है। इससे मरीजों को घर बैठे ही छोटी मोटी समस्याओं का उपचार किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर ही लैब के टेस्ट कराए जाएंगे।

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