सेक्टरों में खाली प्लाटों में जंगली घास बिगाड़ रही माहौल, स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर होंगे कम

स्वच्छता सर्वेक्षण सिर पर है और शहर के खास माने जाने वाले सेक्टरों की सूरत नहीं सुधर पा रही है। सफाई से नाखुश सेक्टरवासी अब खाली प्लॉटों और बंद पड़े मकानों में जंगली घास से परेशान हैं। सेक्टरों में एक नहीं सैकड़ों मकान असामाजिक तत्वों की पनाहगार बने हुए हैं। यही नहीं इन मकानों व प्लॉटों में जंगली जीव-जंतु हर समय लोगों के मन में डर बनाए रखते हैं।

JagranWed, 20 Jan 2021 08:26 AM (IST)
सेक्टरों में खाली प्लाटों में जंगली घास बिगाड़ रही माहौल, स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर होंगे कम

---नंबरगेम---

-10 सेक्टर शहर में हैं

-03 सेक्टर इनमें से एचएसवीपी के पास हैं

-02 सेक्टर पिहोवा व शाहाबाद में

जगमहेंद्र सरोहा, कुरुक्षेत्र :

स्वच्छता सर्वेक्षण सिर पर है और शहर के खास माने जाने वाले सेक्टरों की सूरत नहीं सुधर पा रही है। सफाई से नाखुश सेक्टरवासी अब खाली प्लॉटों और बंद पड़े मकानों में जंगली घास से परेशान हैं। सेक्टरों में एक नहीं सैकड़ों मकान असामाजिक तत्वों की पनाहगार बने हुए हैं। यही नहीं इन मकानों व प्लॉटों में जंगली जीव-जंतु हर समय लोगों के मन में डर बनाए रखते हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण इन प्लॉटधारकों से जुर्माना वसूल कर दूसरी योजनाओं में खर्च देता है। यही हाल रहा तो स्वच्छता सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक और डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन में नंबर कम हो सकते हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण हर साल जनवरी महीने में होता है। इस बार कोरोना वायरस के चलते सर्वेक्षण नहीं हो पाया है। अब फरवरी में इसकी उम्मीद जताई जा रही है।

नप और एचएसवीपी दावों तक सिमटा

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के शहर में दस सेक्टर हैं। इनमें से सात सेक्टर नगर परिषद को हैंडओवर किए गए हैं, जबकि तीन सेक्टरों को खुद संभाले हुए हैं।इन सेक्टरों में न तो नगर परिषद ठीक से काम कर रहा है और न ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण। दोनों अपने दावे तो सिमटा हुआ है। सेक्टरवासी सफाई से लेकर कूड़ा उठान और खाली प्लॉटों के जंगली घास तक से परेशान हैं।

शहर में ये हैं सेक्टर

शहर में 2, 3, 4, 5, 7, 8, 10, 13, 17 व 30 सेक्टर हैं। इनमें से सेक्टर 10, 17 व 30 हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पास हैं। बाकी सात सेक्टर नगर परिषद को हैंडओवर किए गए हैं।

एचएसवीपी का कूड़ा उठान का प्रस्ताव अटका

सेक्टर-10 व 17 कॉमर्शियल हैं। इन सेक्टरों में सफाई का जिम्मा एचएसवीपी के पास है। गत दो साल से कूड़ा उठान व सफाई का ठेका अटका हुआ है।यह अब तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। ऐसे में कॉमर्शियल सेक्टरों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर परिषद पिछले दिनों सफाई के लिए आगे आया था, लेकिन यह भी सिरे नहीं चढ़ पाया है।

जुर्माना राशि लेकर कराते हैं दूसरे काम

सेक्टरवासियों का कहना है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण खाली प्लाट मालिकों से जुर्माना वसूल लेता है, लेकिन इस राशि को प्लाटों की सफाई में नहीं लगा दिया जाता है। सेक्टरवासी जुर्माना राशि को प्लॉटों की सफाई में लगाने की मांग भी कर रहे हैं।

सेक्टरवासियों की जुबानी

सेक्टर-5 निवासी एसके सेठ ने बताया कि सेक्टरों में खाली प्लाट या बंद मकानों में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। यहां पर जहरीले जीव जंतु पैदा हो रहे हैं। कई मकान असामाजिक तत्वों का ठिकाना बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी डर लगता है। वर्जन :

सेक्टरों में प्लाट निर्माण के लिए अलॉट किए जाते हैं। नियमानुसार 50 फीसद निर्माण करना जरूरी है। कुछ लोग प्लाट अलॉट कराने के बाद निर्माण नहीं करते।इन लोगों पर प्राधिकरण नियमानुसार जुर्माना लगाता है। इस जुर्माना राशि को दूसरे विकास कार्यों पर लगाया जाता है। जुर्माना राशि उक्त प्लॉटों की साफ-सफाई के लिए लगाने की कोई हिदायत नहीं हैं।

योगेश रंगा, ईओ, एचएसवीपी।

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