फसल अवशेषों में आग लगाने से खेत की मिट्टी को नुकसान : वर्मा

फसल अवशेषों में आग लगाने से खेत की मिट्टी को नुकसान : वर्मा
Publish Date:Wed, 30 Sep 2020 06:51 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र :

फसल कटाई के बाद खेत में बचे फानों में आग लगाने पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने किसानों की बीच पहुंचकर उन्हें जागरूक करना शुरू कर दिया है। विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को गांव मांगना में पहुंचकर जागरूकता शिविर लगाया। किसानों को संबोधित करते हुए सहायक कृषि अभियंता राजेश वर्मा ने बताया कि खेतों में खड़े फानों को आग लगाने से किसान अपना ही नुकसान कर रहा है। इस आग से खेत की मिट्टी की उपजाऊ शक्ति नष्ट हो रही है। उन्होंने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए तीन तरीके बताए। उन्होंने कहा कि किसान को जागरूक होकर खेत को आग से बचाना होगा। किसानों को वीडियो के माध्यम से भी आग से होने वाले नुकसान और फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में बारीकि से बताया गया। इस मौके पर खंड कृषि अधिकारी डा. सुरेंद्र जांगड़ा, कृषि

विकास अधिकारी बलदेव सिंह व चांदी राम शर्मा मौजूद रहे।

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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए तीन तरीके

उन्होंने बताया कि पहले तरीके में किसान इन फसली अवशेषों को खेत में ही छोड़कर हैप्पी सीडर की मदद से बिजाई कर सकते हैं। इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढेगी।

दूसरे तरीके में फसल कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों मलचर और चोपर की मदद से काटकर खेत की सतह पर छोड़ दें। इसके बाद पलटा हल की मदद से खेत की जुताई करें। इसके बाद मिट्टी में आलू की बिजाई के लिए भी बैड बनाने में आसानी होगी और रोटावेटर से गेहूं की बिजाई भी की जा सकती है।

तीसरे तरीके में किसान फसली अवशेषों की स्ट्रा बेलर की मदद से कटाई कर सकते हैं। इसके बाद इन्हें आसानी से खेत से बाहर निकाला जा सकता है।

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