नई पीढ़ी को तराशने के लिए आगे नहीं आ रहे चैंपियन

नई पीढ़ी को तराशने के लिए आगे नहीं आ रहे चैंपियन
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 06:20 AM (IST) Author: Jagran

विनोद चौधरी, कुरुक्षेत्र :

नई पीढ़ी को तराशकर काबिल बनाने के लिए पूर्व चैंपियन खिलाड़ी आगे नहीं आ रहे हैं। सरकार की ओर से चैंपियन खिलाड़ियों के अनुभव का लाभ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों तक पहुंचाने के लिए खेलो इंडिया लघु केंद्र योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के लिए खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से पूर्व चैंपियन खिलाड़ियों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए विभाग ने करीब 14 खेलों के आवेदन मांगे हैं, आवेदन की अंतिम तिथि भी 30 सितंबर तय की गई है। लेकिन अभी विभाग के पास केवल एक आवेदन ही पहुंचा है। हालांकि जिला भर में इन खेलों के सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं।

केंद्र सरकार की ओर से खेलों को बढ़ावा देने और नवोदित खिलाड़ियों को खेलों के साथ जोड़ने के लिए देश भर में 1000 खेल केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत पूर्व चैंपियन खिलाड़ियों को सरकार की ओर से सहयोग राशि दी जाएगी। इसके पीछे सरकार की योजना जमीनी स्तर पर अच्छे खिलाड़ी तैयार करने की है। सरकार की योजना है कि चैंपियन खिलाड़ी अपने अनुभव से प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार करेंगे, जो भविष्य में अपनी काबिलियत के दम पर विश्व भर में देश का नाम रोशन करेंगे। योजना को लेकर सितंबर माह के पहले सप्ताह से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। अंतिम तिथि नजदीक आने पर भी जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग कार्यालय में मात्र एक आवेदन पहुंचा है, जबकि दो तीन खिलाड़ियों ने इसके बारे में जानकारी ली है। ऐसे में आवेदन न पहुंचने पर खेल विभाग ने अब अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई है कि वह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संपर्क कर उन्हें इसको लेकर जागरूक करें। सरकार की ओर दी जाएगी पांच लाख रुपये राशि

खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से खेलो इंडिया लघु केंद्र स्थापित करने पर संचालकों को चार साल के लिए सहयोग राशि भी जाएगी। यह केंद्र 14 खेलों के लिए स्थापित किए जा सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर खेल उपकरणों और मैदान के रखरखाव के लिए एकमुश्त पांच लाख रुपये की सहयोग राशि दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्राथमिकता

जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि इस योजना के लिए अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ी को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रतिभागिता करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता रही। इसी तरह इन दोनों के उपलब्ध न होने पर राष्ट्रीय स्तर पर पदक और उसके बाद प्रतिभागिता करने वाले खिलाड़ी को तरजीह दी जाएगी। इसके बाद राज्य स्तर पर पदक और प्रतिभागिता करने वालों को मौका मिल सकता है। इस योजना से नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को पूर्व चैंपियनों के अनुभव का लाभ मिल सकता है।

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