347 एकड़ भूमि पर हो रही सूक्ष्म सिचाई : मुकुल कुमार

कुरुक्षेत्र जिले में सिचाई के सूक्ष्म ढांचे को अपनाकर पांच गांवों में बिजली पानी व खाद की जा रही है। इस विधि से 347 एकड़ भूमि पर सिचाई की जा रही है। इसके अलावा पिहोवा लाडवा व शाहाबाद में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से भी पानी को ट्रीट करके 713 एकड़ भूमि की सिचाई की जा रही है।

JagranFri, 23 Jul 2021 06:42 AM (IST)
347 एकड़ भूमि पर हो रही सूक्ष्म सिचाई : मुकुल कुमार

फोटो-26 जागरण संवाददाता कुरुक्षेत्र : जिले में सिचाई के सूक्ष्म ढांचे को अपनाकर पांच गांवों में बिजली, पानी व खाद की जा रही है। इस विधि से 347 एकड़ भूमि पर सिचाई की जा रही है। इसके अलावा पिहोवा, लाडवा व शाहाबाद में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से भी पानी को ट्रीट करके 713 एकड़ भूमि की सिचाई की जा रही है। इतना ही नहीं सूक्ष्म सिचाई योजना के तहत मीकाडा पोर्टल पर 25 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। इसके तहत 84 एकड़ क्षेत्र को कवर करने का काम किया जाएगा।

यह जानकारी डीसी मुकुल कुमार वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में सूक्ष्म सिचाई योजना व

परिवार पहचान पत्र को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को वीसी के माध्यम से दी। डीसी ने बताया कि परिवार पहचान पत्र की आय वैरीफिकेशन में कुरुक्षेत्र जिले ने टाप किया है। जिले में 8609 परिवारों में से 7627 परिवारों की की आय वैरीफिकेशन हो चुकी है और शेष कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डीसी मुकुल कुमार व टीम के सदस्यों की सराहना की है।

डीसी ने कहा कि सूक्ष्म सिचाई योजना पानी की बचत के लिए है। इसमें एक एकड़ में इस्तेमाल होने वाले पानी में फव्वारा व टपका सिचाई विधि के माध्यम करीब तीन एकड़ की सिचाई की जाती है। इन गांवों में तैयार किया ढांचा डीसी ने बताया कि जिले में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पिहोवा, लाडवा व शाहाबाद में हैं। इनमें करीब 713 एकड़ भूमि को कवर किया जा चुका है।

किरमच, झिरबड़ी, धुराला,

किशनगढ़ व बीड़ मथाना में सूक्ष्म सिचाई ढांचा लगाया गया है। इन पांच

गांवों में करीब 347 एकड़ की भूमि इस्तेमाल की जा रही है। इससे पानी, बिजली व खाद की बचत हो रही। 27 जुलाई को प्रात: 11 बजे डीएलआइसी की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सूक्ष्म सिचाई योजना के कार्यों की समीक्षा की जाएगी।

85 फीसद तक अनुदान

डीसी ने कहा कि इस योजना के तहत किसान अपना आवेदन कर सकता है। सरकार इस विधि को अपनाने के लिए 85 फीसद तक अनुदान देती है। योजना के तहत माइक्रो इंडविजुअल यानि कैनाल से पानी लाकर टैंक बना सकते हैं और उस टैंक को सूक्ष्म सिचाई योजना के साथ जोड़ सकते हैं। योजना के तहत व्यक्तिगत पर भी 70 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है।

इस मौके पर जिप सीईओ अश्विनी मलिक, मीकाडा के एक्सईएन हरिदेव कांबोज, केडीबी सीईओ अनुभव मेहता, डीडीपीओ प्रताप सिंह, कृषि विभाग के उपनिदेशक प्रदीप मिल, जिला वन अधिकारी रविद्र धनखड़, परियोजना अधिकारी निर्मल व ईओ नगर परिषद बलबीर सिंह मौजूद रहे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.