उत्तरप्रदेश से आने वाला धान रोका तो यमुना पुल पर किसानों ने लगा दिया जाम, देर रात तक फंसे रहे राहगीर

उत्तरप्रदेश से करनाल सहित अन्य मंडियों में आने वाले धान पर रोक लगा दी है जिसके चलते वहां के किसानों में रोष फैल गया। गुस्साए किसानों ने उत्तरप्रदेश व हरियाणा को मेरठ रोड पर जोड़ने वाले यमुना पुल पर धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर जाम लगा दिया जो देर रात तक जारी रहा।

JagranThu, 21 Oct 2021 08:41 AM (IST)
उत्तरप्रदेश से आने वाला धान रोका तो यमुना पुल पर किसानों ने लगा दिया जाम, देर रात तक फंसे रहे राहगीर

जागरण संवाददाता, करनाल : उत्तरप्रदेश से करनाल सहित अन्य मंडियों में आने वाले धान पर रोक लगा दी है, जिसके चलते वहां के किसानों में रोष फैल गया। गुस्साए किसानों ने उत्तरप्रदेश व हरियाणा को मेरठ रोड पर जोड़ने वाले यमुना पुल पर धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर जाम लगा दिया, जो देर रात तक जारी रहा। जाम में जहां उत्तरप्रदेश से करनाल की ओर आने वाले राहगीर फंसे रहे तो वहीं करनाल की ओर से उत्तरप्रदेश जाने वाले राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हरियाणा सीमा में भी करीब तीन किलोमीटर दूर तक जाम लगा रहा, जिसके चलते सैंकड़ों वाहन फंसे रहे। हालांकि इनमें अधिकतर भारी वाहन शामिल रहे, लेकिन दो पहिया से लेकर कारें व अन्य वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ा। देर रात तक जारी रहे जाम के चलते पुलिस को भी राहगीरों को निकालने के लिए कड़ी मशक्त करनी पड़ी। बड़ी संख्या में राहगीर वापस ही लौट गए। जाम में उत्तरप्रदेश सीमा में एक एबुलेंस भी करीब आधा घंटा तक फंसी रही।

बाहरी धान पर रोक के लिए प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती

करनाल व आसपास की अन्य मंडियों में बाहरी राज्यों की धान आने का कड़ा विरोध पिछले कई दिनों से चल रहा था। आसपास के किसानों का आरोप था कि हमारी धान की खरीद नहीं की जा रही जबकि फर्जी गेट पास के जरिए बाहरी धान को मंडी में लाए जाने का मौका दिया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन ने न केवल बाहरी धान पर रोक लगा दी थी बल्कि उत्तरप्रदेश सीमा पर ही बुधवार को यह धान रोक दी गई। इससे उत्तरप्रदेश के किसानों में रोष फैल गया और वे जाम लगा धरने पर बैठ गए।

चलना पड़ा तीन किलोमीटर पैदल

करनाल से शामली जा रहे नीरज ने बताया कि जाम के चलते उन्हें तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। अभी उत्तरप्रदेश सीमा में भी जाम है और वहां भी उन्हें पैदल ही सफर तय करना पड़ेगा।

मेरठ जाने के लिए दूसरा रास्ता भी नहीं : वैशाली

बच्चे के साथ मेरठ के लिए करनाल से चली वैशाली ने बताया कि उन्हें दवा लेने जाना था। उन्हें नहीं पता था कि वह जाम में फंस जाएंगे। मेरठ जाने के लिए अब उनके पास दूसरे रास्ते का भी कोई विकल्प नहीं है। दो घंटे से अधिक समय हो चुका है अब वापस ही लौटना पड़ेगा।

एंबुलेंस भी फंसी रही

किसानों की ओर से लगाए गए जाम में एंबुलेंस भी आधा घंटा तक फंसी रही। इसमें सवार एक मरीज को करनाल के विर्क अस्पताल लाया जाना था। बाद में किसानों ने एंबुलेंस व बाइक चालकों को जाने का रास्ता दे दिया, जिसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली।

मोटा धान लाने पर रोक : सतपाल

उत्तरप्रदेश सीमा पर जिला करनाल की मंगलौरा चौकी इंचार्ज सतपाल सिंह ने बताया कि प्रशासन ने यूपी की तरफ से आने वाले मोटे धान के आवागमन पर रोक लगा दी है। जबकि बासमती की खरीद जारी है। जब तक अपने क्षेत्र के धान की खरीद नहीं की जाती, तब तक यह रोक जारी रखने के आदेश है। उत्तरप्रदेश के किसानों को राहगीरों के समक्ष परेशानी नहीं आने देनी चाहिए।

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