बोले सो निहाल सत श्री अकाल के उद्घोष से गूंजी कर्ण नगरी

कर्ण नगरी शुक्रवार को बोले सो निहाल सत श्री अकाल के नारों से गूंज उठी। करनाल में आज चौथे गुरु बाबा रामदास जी महाराज के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन निकाला गया।

JagranFri, 22 Oct 2021 06:15 PM (IST)
बोले सो निहाल सत श्री अकाल के उद्घोष से गूंजी कर्ण नगरी

जागरण संवाददाता, करनाल : कर्ण नगरी शुक्रवार को बोले सो निहाल सत श्री अकाल के नारों से गूंज उठी। करनाल में आज चौथे गुरु बाबा रामदास जी महाराज के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन निकाला गया। गुरुग्रंथ साहिब की पालकी लोगों में आस्था का केंद्र बनी हुई हैं। इसके आगे पंच प्यारे खालिस समाज की स्थापना के संकल्प को साथ लेकर चले। खालसा पंथ की ध्वज पताका हाथ में लेकर चल रहे थे। शहर में जगह-जगह इस नगर-कीर्तन का स्वागत किया गया। पालकी साब के रास्ते में लोग फूल बिछा रहे थे। डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा सुखा सिंह की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन डेरा कार सेवा के पास स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब से शुरू हुआ। इससे पहले गुरु का अरदास की गई।

इस अवसर पर बाबा सुखा सिंह, इंद्रपाल सिंह स. रतन सिंह, हरजीत सिंह राजेंद्र सिंह मिड्डा, अमृत पाल यिह, अमनदीप सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह रामगड़िया, सतविदर सिंह, सरविदर सिंह, कुलजीत सिंह, सर्वजीत सिंह, मानिक सिंह सेठी, भूपिदर सिंह मिड्ढा, प्रीत सिंह मिड्ढा, सतिदर पाल सिंह ओबराय सहित तमाम लोग मौजूद थे। नगर कीर्तन गुरुद्वारा मंजी साहिब से शुरू हुआ। नगर कीर्तन में आगे बैंड और खालसा बैंड, कीर्तन करते जत्थे, महिलओं के जत्थे चल रहे थे। उसके पीछे सड़कों को धोते सेवादार चल रहे थे। महिलाएं सड़क को बुहार रही थीं। उसके बाद उस पर पुष्प बरसाए जा रहे थे। उसके पीछे पंच प्यारे और पालकी साहिब चल रही थी। इसके आगे लोग नतमस्तक हो रहे थे। आगे सिख बीरों का जत्था अखाड़ा चल रहा था। इसमें गुरुतेज सिंह का बीर खालसा दल चल रहा था। इसके लड़ाके गतका का प्रदर्शन कर रहे थे। नगरकीर्तन चाड़ा बाजार, सराफा बाजार, कर्ण गेट पुराना जीटी रोड, सब्जी मंडी रोड कुजपुरा रोड, अस्पताल चौक, अस्पताल मार्ग, कालड़ा मार्केट से अर्बन क्षेत्र से होता हुआ वापस डेरा कार सेवा पहुंचा। इस बीच जगह जगह प्रसाद के स्टाल लगाए गए। श्री महाबीर दल के सामने कर्ण गेट रोड, सब्जी मंडी चौक के साथ अलग-अलग स्थानों पर स्वागत के लिए स्टाल लगाए गए। सिविल अस्पताल के सामने भी स्टाल लगाया गया। नगरर्कीतन का जगह-जगह स्वागत किया गया। चारों तरफ नगर कीर्तन लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ था।

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