सुविधाओं के आंकलन में सेक्टर-14 पंडित चिरंजीलाल कालेज को बी प्लस ग्रेड

सेक्टर-14 स्थित पंडित चिरंजीलाल महाविद्यालय को बी प्लस ग्रेड मिला है। नैक यानि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की टीम की ओर से 29-30 सितंबर को संस्थान में भवन शिक्षा क्वालिटी इंडीकेटर फ्रेमवर्क सेल्फ स्टडी रिपोर्ट सहित विभिन्न पैमानों पर शिक्षण संस्थान के स्तर की जांच की गई। ए ग्रेड हासिल करने के लिए कालेज सदस्यों ने टीम वर्क का प्रमाण देते हुए आंकड़ों के संकलन के साथ-साथ बेहतर प्रस्तुतिकरण दिया।

JagranSat, 23 Oct 2021 07:07 PM (IST)
सुविधाओं के आंकलन में सेक्टर-14 पंडित चिरंजीलाल कालेज को बी प्लस ग्रेड

जागरण संवाददाता, करनाल : सेक्टर-14 स्थित पंडित चिरंजीलाल महाविद्यालय को बी प्लस ग्रेड मिला है। नैक यानि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की टीम की ओर से 29-30 सितंबर को संस्थान में भवन, शिक्षा, क्वालिटी इंडीकेटर फ्रेमवर्क, सेल्फ स्टडी रिपोर्ट सहित विभिन्न पैमानों पर शिक्षण संस्थान के स्तर की जांच की गई। ए ग्रेड हासिल करने के लिए कालेज सदस्यों ने टीम वर्क का प्रमाण देते हुए आंकड़ों के संकलन के साथ-साथ बेहतर प्रस्तुतिकरण दिया। इसके बावजूद एक बार फिर कालेज ए ग्रेड में चूक गया है। बता दें कि प्रत्येक पांच वर्ष बाद राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए) के आदेश पर नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की ओर से महाविद्यालय में विभिन्न पैमानों पर शिक्षण संस्थान के स्तर की जांच होती है।

सरकारी ग्रांट के लिए जरूरी है नैक एक्रिडिटेशन

सरकारी और गैर-सरकारी महाविद्यालयों के लिए नैक ग्रेड जरूरी है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो दयाल सिंह कालेज और महिला राजकीय महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से सुविधाओं के दम पर राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए) से विकास कार्य के लिए ग्रांट हासिल कर चुके हैं। इसी तरह डीएवीपीजी की अभी नैक एक्रिडिटेशन प्रक्रिया पेंडिग चल रही है। डीएवीपीजी प्राचार्य डा. रामपाल सैनी ने बताया कि विकास कार्यों के लिए ए ग्रेड हासिल करने के लिए भरसक प्रयास किए गए हैं। बावजूद नैक की टीम की ओर से आंकलन नहीं किया गया है जोकि पेंडिग चल रही है। दयाल सिंह कालेज प्राचार्य संजय शर्मा ने बताया कि पांच साल बाद नैक की टीम जांच करती है, बेहतर सुविधाओं के चलते राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए) की ओर से कालेज ग्रांट हासिल कर चुका है। इसी तरह सेक्टर-14 राजकीय महाविद्यालय प्राचार्या राजेश ने बताया कि कालेज को रेटिग में कालेज को बी प्लस मिला है। 29-30 सितंबर को नैक टीम की ओर से संस्थान का दौरा किया गया था और सभी सदस्यों ने टीम वर्क का प्रमाण देते हुए बेहतर सुविधाओं की प्रस्तुति दी थी।

शैक्षिक संस्था की गुणवत्ता का आंकलन करती है नैक

डीएवीपीजी महाविद्यालय के प्राचार्य डा. रामपाल सैनी ने बताया कि नैक को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद कहा जाता है जो एक संस्थान है। नैक द्वारा दिए जाने वाले ग्रेड के आधार पर ही यूजीसी द्वारा ग्रांट दी जाती है। नैक द्वारा कालेजों को ए, बी और सी ग्रेड दी जाती है। महाविद्यालय का जैसा ग्रेड होगा, उसी आधार पर ग्रांट और नए कोर्स शुरू करने की सुविधा दी जाती है। नैक भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों का आंकलन तथा प्रत्यायन (मान्यता) का कार्य करती है। इससे यह मालूम किया जाता है कि कोई भी शैक्षिक संस्था या विश्वविद्यालय प्रमाण एजेंसी के द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के मानकों को किस स्तर तक पूरा कर रहा है। मानकों में संकाय सदस्यों का अनुसंधान कार्य एवं प्रकाशन, बुनियादी सुविधाएं तथा संसाधनों की स्थिति, संस्था का प्रदर्शन, पाठ्यक्रम चयन एवं कार्यान्वयन, शिक्षण अधिगम एवं मूल्यांकन तथा छात्रों के परिणाम, संगठन, प्रशासन व्यवस्था, आर्थिक स्थिति तथा छात्र सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन एवं प्रत्यायन किसी भी शैक्षिक संस्था की गुणवत्ता की स्थिति को समझने के लिए प्रयोग किया जाता है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.