नगर निगम ने निशुल्क वितरित किए कपड़े के थैले

जागरण संवाददाता, करनाल : प्रजातंत्र के महापर्व पर भी नगर निगम ने पॉलीथिन कैरीबैग और सिगल यूज प्लास्टिक को ना कहें की मुहिम को जारी रखा। मतदान की तीन अलग-अलग लोकेशन पर अस्थाई बैग बैंक बनाकर नागरिकों को हजारों थैले वितरित कर धरती और इसके ऊपर फैले अनंत वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया।

प्रेम नगर स्थित राजकीय विद्यालय, प्रताप पब्लिक स्कूल सेक्टर-6 तथा मानस पब्लिक स्कूल बसंत विहार में मतदान केंद्र के बाहर अस्थाई बैग बैंक स्थापित कर मतदाताओं को नि:शुल्क करीब 5 हजार कपड़े के थैले वितरित कर उन्हें पॉलीथिन को ना कहें का संदेश दिया गया।

निगम के आयुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि मतदान को महादान भी कहा गया है। जिस तरह प्रजातंत्र के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए मतदान करना जरूरी है, वैसे ही जरूरी मानव जीवन का स्वास्थ्य भी है। जिसका संबंध सीधा स्वच्छ वातावरण से है।

उन्होंने कहा कि पहला सुख निरोगी काया की कहावत लंबे समय तक तभी बनी रह सकती है, जब लोग स्वस्थ होंगे। इसके लिए मनुष्य को अपनी जीवन शैली में बहुत से परिवर्तन करने होंगे। यदि किसी बुरी प्रवृत्ति का त्याग करना हो तो उसका विकल्प भी जरूरी होना चाहिए। इसी सोच के दृष्टिगत नगर निगम ने एक मुहिम के जरिए पहले शहर की जनता को पॉलीथिन कैरीबैग और सिगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने की अपील की और जब इसका विकल्प तलाशने की बात आई तो कपड़े के थैलों का प्रयोग ही सबसे बेहतर दिखाई दिया। इसके बाद इसकी शुरूआत की गई। आज इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ग्राहक रेहड़ी-फड़ी व दुकानदारों से पॉलीथिन कैरीबैग की मांग नहीं करते।

इसका एक सशक्त उदाहरण शहर की सब्जी व फल मंडियों से ग्राहकों को साग-सब्जी और दूसरा सामान कपड़े के थैले या कागज के बने लिफाफों में डाले हुए देखा जा सकता है। यह परिवर्तन ही सफलता का सूचक है।

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