मानसून से पहले पूरे होंगे यमुना के बाढ़ बचाव कार्य

जागरण संवाददाता, करनाल : डीसी विनय प्रताप सिंह ने सोमवार को इंद्री जल सेवाएं मंडल के तहत किए जा रहे बाढ़ बचाव कार्यो का निरीक्षण किया। डीसी ने सबसे पहले मुस्तफाबाद कांप्लेक्स पर किए जा रहे कार्यो का जायजा लिया। सिचाई विभाग की ओर से यहां 726 फीट तट पत्थरों की दीवार बनाई जा रही है। वहीं छह स्टोन पत्थर की ठोकरों की मरम्मत भी की जा रही है। इससे मानसून में यमुना नदी में अत्याधिक पानी आ जाने से भूमि कटाव नहीं हो सकेगा। इन दोनों कार्यो पर 2 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। इसके बाद डीसी ने जम्मूखाला, कलसौरा व नबियाबाद कॉम्पलैक्स का भी निरीक्षण किया। गत वर्ष ही कुंडाकलां कॉम्पलैक्स पर भी बाढ़ से बचाव के लिए तीन स्टोन स्टड लगाए गए थे, इनकी भी मरम्मत की जा रही है।

बता दें कि करनाल के पूर्व में गुजरती यमुना बारिश के दिनों में पानी से लबालब हो जाती है। गत वर्ष इसमें 6 लाख क्यूसिक पानी आया था। सिचाई विभाग की ओर से समय पर बाढ़ से बचाव के उपायों से किसी भी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस बार भी बाढ़ से बचाव के लिए मरम्मत और नए स्टड बनाने के कार्य शुरू हो गए हैं। मानसून से पहले मई तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। इन कार्यों के लिए सरकार की ओर से 7 मार्च को निर्माण के एग्रीमेंट हो गए थे, जबकि 15 फरवरी को इनके टेंडर आमंत्रित किए गए थे।

इस अवसर पर एसीयूटी साहिल गुप्ता, एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग, एसडीएम करनाल नरेन्द्र पाल मलिक, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, डीएसपी इंद्री रणधीर सिंह व मंडल के कार्यकारी अभियंता मनीष शर्मा मौजूद रहे।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.