करनाल में एक नवंबर तक लगेंगे पांच हजार स्मार्ट मीटर, 3 साल में डेढ़ लाख

जागरण संवाददाता, करनाल

सीएम सिटी में एक नवंबर तक पांच हजार स्मार्ट बिजली मीटर लगा दिए जाएंगे। जिले में कुल डेढ़ लाख मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यह फैसला बिजली व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए बुधवार को सेक्टर-12 स्थित राजीव गांधी विद्युत सदन में हुई अधिकारियों की बैठक में लिया गया। इसमें स्मार्ट मीट¨रग मिशन के तहत प्रदेश में लगाए जाने वाले 10 लाख मीटर लगाने पर मंथन हुआ। इस काम के लिए केंद्र सरकार की ओर से ईईएसएल कंपनी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके अलावा एलएंडटी व वोडाफोन भी सहयोगी कंपनी के तौर पर काम करेंगी।

पहले चरण में उत्तर प्रदेश व हरियाणा में 50 लाख मीटर लगाए जाने हैं, जिसमें से 10 लाख मीटर हरियाणा में लगाए जाएंगे। इनमें करनाल, पानीपत व पंचकूला भी शामिल हैं। बैठक में अधीक्षक अभियंता अश्विनी कुमार रहेजा, कार्यकारी अभियंता धर्म सुहाग, कशिक मान, चंडीगढ़ मुख्यालय से भी अधिकारी मौजूद रहे। आधे घंटे बाद रिकार्ड होगा कंट्रोल रूम में

इन मीटरों की खासियत यह है कि मीटर का हर आधे घंटे का रिकार्ड जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम में ट्रांसफर हो जाएगा। यह मीटर कम्यूनिकेशन बेस्ड होंगे। इसमें सिम भी डाला जाएगा। इसका जिम्मा वोडाफोन कंपनी को दिया गया है। ये सिम मोबाइल के सिम से अलग तरह के होंगे। इसमें रिकार्ड दर्ज रहेगा। कंट्रोल रूम में बैठे ही मीटर में होने वाली टैंप¨रग या गड़बड़ी की जानकारी कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। नहीं लेनी होगी घर-घर जाकर रीडिंग

स्मार्ट मीटर की डिटेल कंट्रोल रूम में खुद ट्रांसफर होने से मीटर की री¨डग लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी। ऐसे में री¨डग की गड़बड़ी की संभावना भी नहीं रहेगी। इससे कर्मचारियों पर आने वाला खर्च भी नहीं रहेगा। ऑनलाइन मीटर री¨डग ट्रांसफर के अनुसार ही उपभोक्ताओं के बिजली बिल बनाए जाएंगे। यह होगा फायदा

1 बिजली बिलों में होने वाली 25 से 30 प्रतिशत तक की गड़बड़ी रुकेगी।

2 गड़बड़ी होने पर उपभोक्ताओं को निगम के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

3 मोबाइल एप से कनेक्टिड होने के कारण उपभोक्ता खुद जानकारी ले सकेगा।

4 100 रुपये की बिजली क्षमता बचने पर मीटर बीप आवाज से करेगा अलर्ट

5 मीटर लगाने का पूरा खर्च उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम वहन करेगा। सीएमआर के काम में लाई जाएगी तेजी

एक ओर जहां बिजली सप्लाई को स्मार्ट बनाने का प्रस्ताव है, वहीं निगम उपभोक्ताओं को री¨डग की दिक्कतों से निजात मिलेगी। इसके लिए सीएमआर यानी कॉमन मीटर री¨डग के प्रोजेक्ट पर काम तेजी पर है। इसे अगले महीने तक पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है। फिलहाल उपभोक्ताओं को मैनुअली बिल दिए जा रहे हैं। कुछ इस तरह काम करेगा मीटर

ये मीटर डिश कनेक्शन की तरह काम करेगा। रिचार्ज की राशि में सौ रुपये (लगभग 20-25 यूनिट) बचने पर मीटर अलर्ट करता है। इस दौरान दो मिनट तक बीप की आवाज आएगी। मीटर रिचार्ज करने के लिए नीचे की ओर बटन होता है। इसके पास ही एक से दस तक अंक लिखे होंगे। रिचार्ज कूपन 20 अंकों का होगा। इन अंकों को दबाने पर मीटर रिचार्ज हो जाएगा। मीटर में टैरिफ का सिस्टम होगा। राशि खत्म होने पर अपने आप बिजली कट जाएगी। पिछली बकाया राशि अगली में जुड़ेगी

यदि उपभोक्ता ने दो हजार का रिचार्ज कराया है और उसने दो हजार की बिजली नहीं जलाई है। यदि उसने एडवांस में एक रिचार्ज और करा लिया है तो पिछली बची राशि उसके अगले रिचार्ज में जमा हो जाएगी। वर्जन

बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। हरियाणा दिवस तक हम शहर में पांच हजार स्मार्ट मीटर लगा देंगे। 31 मार्च तक 20 हजार व तीन वर्षों तक डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। नए मीटर लगाने का उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। बिजली निगम अपने खर्च पर ही मीटर बदलेगी। मीटर लगाने के लिए जगह चुनने की डयूटी लगा दी गई है।

अश्विनी कुमार रहेजा, अधीक्षक अभियंता बिजली निगम करनाल।

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