कार्रवाई न होने पर सड़कों पर उतरे स्वजन व समाज के लोग, तीन घंटे तक जिला सचिवालय परिसर में दिया धरना

निजी अस्पताल के कंपाउंडर की मौत की गुत्थी पुलिस आज तक भी सुलझा नहीं पाई है। 13 सितंबर को सामने आए सौरभ की मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से खफा स्वजन व समाज के लोग सोमवार को सड़कों पर उतर आए और तीन घंटे तक जिला सचिवालय गेट पर धरना देते रहे।

JagranMon, 18 Oct 2021 07:14 PM (IST)
कार्रवाई न होने पर सड़कों पर उतरे स्वजन व समाज के लोग, तीन घंटे तक जिला सचिवालय परिसर में दिया धरना

जागरण संवाददाता, करनाल : निजी अस्पताल के कंपाउंडर की मौत की गुत्थी पुलिस आज तक भी सुलझा नहीं पाई है। 13 सितंबर को सामने आए सौरभ की मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से खफा स्वजन व समाज के लोग सोमवार को सड़कों पर उतर आए और तीन घंटे तक जिला सचिवालय गेट पर धरना देते रहे। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें जल्द व उचित कार्रवाई का भरोसा दिया तो वे शांत हुए।

दोपहर करीब एक बजे सौरभ के पिता सतपाल सिंह, चचेरा भाई संजीव कुमार, पाल समाज के कुरुक्षेत्र प्रधान रमेश पाल, करनाल से संजय चंदेल, पानीपत से रघवीर सिंह, मेहर सिंह पक्का खेड़ा, जसवीर सिंह चिड़ाव, नरसिंह पाल, पूर्ण रंभा, पाली राम कुटेल, बिट्टू फूसगढ़, राजू, अमित व सचिन सहित बड़ी संख्या में लोग बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे और उन्होंने सौरभ को न्याय दिलाने की मांग की। गुस्साए लोगों को वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे एसपी से मिलने को लेकर अड़े रहे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सौरभ के साथ काम करने वाले एक युवक ने ही उसकी हत्या की है, लेकिन पुलिस उचित कार्रवाई नहीं कर रही। इससे पहले भी इस मामले को लेकर वे कई बार उन्हें मिल चुके हैं। स्वजनों का कहना है कि 22 अक्टूबर को सौरभ का जन्मदिन है, अगर तब तक पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया तो वह सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगें। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सीआइए वन द्वारा जल्द व सही जांच का भरोसा दिया तो वहीं पांच सदस्यीय कमेटी बनाए जाने को भी कहा, जो इस मामले को लेकर जांच की जानकारी व सहयोग करती रहे। एसपी के आश्वासन पर लोग शांत हुए। 15 सितम्बर को घोघडीपुर नहर से मिला सौरभ का शव

बता दें कि करीब 23 वर्षीय सौरभ एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर की नौकरी करता था। वह दो बहनों का अकेला भाई था। हर रोज की तरह 12 सितंबर को भी वह अस्पताल गया था। अस्पताल के डाक्टर के अनुसार, उसी दिन शाम करीब 8 बजे वह उसे हांसी रोड पर छोड़कर गया था, क्योंकि वे दोनों कैथल गए थे, लेकिन रात को सौरभ घर नहीं पहुंचा। अगले दिन 13 सितंबर की सुबह सौरभ का मोबाइल व बैग नहर की पटरी पर मिला था। सामान के पास एक सर्जरी ब्लेड का कवर पड़ा था। साथ ही खून के धब्बे भी थे। 15 सितंबर को सौरभ का शव घोघड़ीपुर नहर में मिला। उसकी गर्दन, छाती व बाजू पर कट के निशान थे। उन्हें शक है कि उनके बेटे के साथ काम करने वाले युवक ने उसकी हत्या की है, लेकिन पुलिस मानने को तैयार नहीं है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.