डेंगू का डेंजर प्वाइंट बन रहा अटल पार्क, जिले में मामले बढ़कर आठ हुए

जिले में सार्वजनिक स्थानों पर डेंगू पल रहा है लेकिन इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। विशेषकर अटल पार्क की बात की जाए तो यहां पर बनी झील में बरसात का पानी जमा हो चुका है।

JagranMon, 27 Sep 2021 06:15 AM (IST)
डेंगू का डेंजर प्वाइंट बन रहा अटल पार्क, जिले में मामले बढ़कर आठ हुए

जागरण संवाददाता, करनाल : जिले में सार्वजनिक स्थानों पर डेंगू पल रहा है, लेकिन इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। विशेषकर अटल पार्क की बात की जाए तो यहां पर बनी झील में बरसात का पानी जमा हो चुका है। इस पानी की निकासी नहीं की गई है, जिस कारण यहां पर डेंगू का लारवा पनप रहा है। यदि इस ओर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो समस्या पैदा हो जाएगा। यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग सुबह-शाम सैर-सपाटे के लिए आते हैं।विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, ओर पार्क में भी दिन के समय ही लोगों का आना-जाना लगा रहता है, ऐसे में कहीं अटल पार्क डेंगू का डेंजर प्वाइंट ना बन जाए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सोमवार को टीमें भेजकर यहां पर दवाईयों का छिड़काव कराया जाएगा। यह हैं मच्छर पैदा होने वाली संभावित ठिकाने - फ्रिज की ट्रे में पानी एकत्रित होने की संभावना रहती है, जिसमें लारवा हो सकता है। - कूलर में कई दिनों तक पानी जमा होने से लारवा पनप सकता है। - पानी इस्तेमाल ना किया जाए तो पानी की टंकी में पनप सकते हैं। - घरों में बरसात के कारण गमलों में जमा पानी से मच्छर पैदा हो सकते हैं - निर्माणाधीन मकान में एकत्रित पानी से

क्या करें लोग? सभी को रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए व दिन के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए। जिससे मच्छर के काटने से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि मलेरिया के शुरूआती लक्षणों में तेज ठंड के साथ बुखार आना, सर दर्द होना व उल्टियों का आना है। इसलिए कोई भी बुखार आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर मलेरिया की जांच करवाएं और अगर मलेरिया जांच में पाया जाता है तो उसका 14 दिन का इलाज स्वास्थ्यकर्मी की देख रेख में करें।

रोजाना हो रहे 50 से 55 एलाइजा टेस्ट स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस समय रोजाना 50 से 55 एलाइजा टेस्ट सरकारी लैब में किए जा रहे हैं। कुछ लोग प्राइवेट लैब से भी जांच करवा रहे हैं। अचानक बढ़े केसों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि बिना जांच के दवाईयां ना लें। सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज की व्यवस्था है, वहां से अपना इलाज करा सकते हैं। अक्टूबर माह पर रहेगा विशेष नजर सितंबर माह के अंतिम पखवाड़े में आए डेंगू के केसों ने चिता बढ़ा दी है। सितंबर माह मानसून का आखिरी माह माना जाता है। मानसून विदाई के बाद मच्छरों की ब्रिडिग शुरू हो जाती है। ऐसे में अक्टूबर माह में डेंगू के केसों में इजाफ हो सकता है। लोगों ने यदि सावधानी नहीं बरती तो अक्टूबर में डेंगू के केसों का पीक आ सकता है। जानिये.. यह हैं डेंगू मच्छर पैदा होने वाली संभावित ठिकाने - फ्रिज की ट्रे में पानी एकत्रित होने की संभावना रहती है, जिसमें लारवा हो सकता है। - कूलर में कई दिनों तक पानी जमा होने से लारवा पनप सकता है। - पानी इस्तेमाल ना किया जाए तो पानी की टंकी में पनप सकते हैं। - घरों में बरसात के कारण गमलों में जमा पानी से मच्छर पैदा हो सकते हैं - निर्माणाधीन मकान में एकत्रित पानी से क्या करें लोग? - घरों के आस-पास गड्ढों को मिट्टी से भरवा दें। - अपने कूलर, होदी या पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। - शरीर को ढककर रखे और मच्छर रोधी दवा या क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें। - पूरी बाजू के वस्त्र पहनें। - छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखे। - बुखार आने पर डाक्टर की सलाह अवश्य लें।

क्या ना करें? - अपने स्तर पर दवाईयां ना खाएं। - बुखार आने पर अस्पताल जाकर जांच कराएं। - ब्रुफिन दवाइयो का सेवन न करें। - घरों के आस-पास के गड्ढों में 7 दिन से ज्यादा पानी एकत्रित ना होने दें। - पुराना सामान जैसे टायर, ट्यूब, खाली डिब्बे, पालीथिन के लिफाफे खुले मे न फैंके, ताकि बरसात का पानी उनमें न भरे। - हैंडपंप या नल के आस-पास पानी जमा न होने दें। टायर ट्यूब, खाली डिब्बे खुले में न छोड़े। जिले में डेंगू के केसों की स्थिति वर्ष डेंगू के केस 2010 72 2011 01 2012 14 2013 185 2014 03 2015 215 2016 23 2017 234 2018 106 2019 29 2020 93 2021 08

नोट : यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए हैं।

वर्जन

डिप्टी सिविल सर्जन डा. मंजू पाठक ने कहा कि डेंगू के केसों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। लोगों से अपील है कि वह सावधानी बरतें। अपने आसपास पानी जमा ना होने दें। अटल पार्क झील में पानी जमा होने की उनको जानकारी मिली है। कल ही वहां पर टीमें भेजकर दवा का छिड़काव कराया जाएगा। टीमें जिले में घर-घर जाकर तो लारवा की चेकिग कर रही है।

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