नाला सफाई टेंडर में सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की शर्त, निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर खड़े कर रही सवाल

जागरण संवाददाता, करनाल : मुगल कैनाल फेज-दो और तीन की सफाई के लिए नगर निगम ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस टेंडर की शर्तो में एक शर्त बड़ी हैरान कर देने वाली सामने आई है। उसमें कहा गया है कि सफाई के दौरान कांट्रेक्टर को सीसीटीवी कैमरों को लगना होगा और वीडियोग्राफी भी करानी होगी। निगम का तर्क है कि सफाई कार्यो में खानापूर्ति न की जाए, इसके लिए यह शर्त रखी गई है। टेंडर लगा दिए गए हैं और मार्च में सफाई कार्य शुरू होना है। टेंडर की यह शर्त नगर निगम में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ है। इस शर्त से बड़ा सवाल यह सामने आ रहा है कि क्या नगर निगम को अपने ही अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर विश्वास नहीं है, जो सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के जरिये इस पूरे काम पर नजर रखना चाहते हैं। टेंडर लगाया जा चुका है, लेकिन अभी कोई कांट्रेक्टर सामने नहीं आया है।

..काम में होगी देरी

मुगल कैनाल फेज-दो और तीन की सफाई के काम में लगाई गई शर्त का एक और ड्रॉ बैक सामने आया है। इससे सफाई के काम में देरी होगी, क्योंकि कांट्रेक्टर को सफाई के काम के साथ ही नगर निगम को वीडियोग्राफी, फोटो और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी जमा करानी है। ऐसे में सफाई के काम पर भी असर पड़ सकता है।

35 लाख रुपये का है टेंडर

इस नाले की सफाई कराने के लिए 35 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। जल्द ही टेंडर ओपन किया जाएगा। मार्च में नाले की सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। निगम अधिकारियों का दावा है कि आने वाले बारिश के मौसम से पहले नाले की सफाई का कार्य कंप्लीट कर लिया जाएगा। शहर में मुगल कैनाल नाला शहर का सबसे बड़ा नाला है। शहर के तमाम छोटे बड़े नाले आकर इस नाले में गिरते हैं। पहले यह नाला ओपन था, लेकिन मुगल कैनाल मार्केट डेवलप करने के लिए इस नाले को कवर्ड कर दिया गया। कई साल पहले फेज-दो व तीन के नाले को कवर्ड किया गया था, लेकिन तभी से इसकी सफाई नहीं हो पाई है।

अभी नाले के हालात ठीक नहीं

मुगल कैनाल की समय पर सफाई नहीं होने से हालात ठीक नहीं हैं। शहर का ज्यादातर गंद इस नाले में ही आता है, लेकिन इसकी सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया गया। धीरे-धीरे गंदगी की परत जमती चली गई। बरसात के सीजन में हालात खराब ना हो इसके लिए निगम अब सफाई के लिए जद्दोजहद करने में लगा है।

अभी तक क्या होता है

शहर में नालों का बड़ा काम होता है, तो उसका टेंडर दिया जाता है। सीसीटीवी से निगरानी की यह पहली शर्त है। इससे पहले कांट्रेक्टर को जितना समय सफाई के लिए दिया जाता है, उसको पूरा करने के बाद निगम अधिकारियों को निरीक्षण के लिए बोला जाता है। निगम का अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति को चेक करता है। अधिकारी यदि सफाई पर संतुष्टि जाहिर करता है तो उसके बाद पेमेंट अलॉट होती है।

फुटेज के आधार पर होगा निर्णय

अब तक निरीक्षण अधिकारी करते थे। अब जो शर्त लगाई है, उसमें अधिकारी की रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी की रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला लिया जाएगा।

ताकि न रहे कमी : जेई

नगर निगम के जेई रामनिवास का कहना है कि मुगल कैनाल के सफाई टेंडर में सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की शर्त रखी गई है, ताकि सफाई के कार्यो में खामियां न रहें। अधिकारियों की कार्यप्रणाली का सवाल नहीं है। टेंडर में मुख्यालय की तरफ से जो निर्देश आए हैं, उनको फॉलो किया जा रहा है।

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