छोड़ी धान की खेती, 50 एकड़ में उगाई सब्जी

आधुनिक खेती एवं फसल विविधिकरण को बढ़ावा देकर खेती को फायदे के सौदे में बदलने वाले चिड़ाव के उन्नतिशील किसान प्रवीन नरवाल खेती करते ही नहीं बल्कि सिखाते भी हैं।

JagranWed, 27 Oct 2021 08:42 PM (IST)
छोड़ी धान की खेती, 50 एकड़ में उगाई सब्जी

अनिल भार्गव, निसिग

आधुनिक खेती एवं फसल विविधिकरण को बढ़ावा देकर खेती को फायदे के सौदे में बदलने वाले चिड़ाव के उन्नतिशील किसान प्रवीन नरवाल खेती करते ही नहीं बल्कि सिखाते भी हैं। उसने अपने करीब 50 एकड़ खेत में परंपरागत ढर्रे की खेती को नकारते हुए धान के बजाय सब्जी की फसल उगाकर औरों के लिए नजीर पेश की है।

प्रवीन नरवाल ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई गई मेरा पानी मेरा विरासत योजना अपनाई है, जिसके तहत सरकार की ओर से किसान को सात हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लाभ दिया जाता है। वहीं परंपरागत खेती से निरंतर भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होने के साथ ही भूजल भी नीचे खिसक रहा है। उन्होंने धान को छोड़ सब्जी उगाने का फैसला लिया। इससे सैंकडों लोगों को रोजगार मिलता है।धान की कटाई तो कंबाइन करती है, लेकिन सब्जी में मजदूरों की जरूरत पड़ती है। हालांकि उन्होंने सब्जी की फसल कम से कम दवाइयों के इस्तेमाल से उगाई है। ताकि सेवन करने वाले लोगों का स्वास्थ्य बरकरार रहे। इस बार अधिक बारिश के कारण उन्हें दो बार सब्जी उगानी पड़ी। जिससे फसल अधिक लाभ तो नही दे सकेगी। लेकिन घाटे का सौदा भी नही बनेगी।

45-50 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही गोभी

नरवाल ने बताया कि बाजार में उनकी गोभी थोक में करीब 45-50 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रही है। इसे प्रत्येक तीसरे दिन तोड़ा जाता है। शेष फसलें भी अच्छे दामों में बिक रही हैं। पैदावार भी अच्छी है। उन्होंने ढर्रे की खेती में परिवर्तन के लिए किसानों को सात हजार से लाभान्वित करने की सोच को सराहा। इससे भूजल बचने से आमजन को भी फायदा होगा। नरवाल ने बताया कि गेहूं के बाद व धान रोपाई से पहले अक्सर एक फसल ओर उगाते थे, जिसमें मूंग की दाल व मक्का की फसल शामिल है। इसके साथ ही वह हरवर्ष सात से 20 एकड़ तक आलू की फसल भी उगाते है। इनमेंआरएल व चिप्सोना सहित अन्य वैराइटी हैं, जिन्हें कंपनी को बेचा जाता है, जिसके अक्सर चिप्स बनाए जाते है। आलू उगाते देख आसपास के कई किसानों ने भीे इन्ही की भांति आलू की खेती कर लाभ लेना शुरू कर दिया। वर्तमान में सैंकडों किसान आलू उगाते हैं। अब धान की बजाय सब्जी की खेती उगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। उनकी मनसा आरर्गेनिक सब्जी उगाने की है। धान की जगह उगाई सब्जियां

प्रवीन नरवाल ने बताया कि अपने 50 एकड़ खेत में एक पौधा भी धान का नही लगाया। इस बार 11 एकड़ खेत में फूल गोभी की फसल उगाई है। जबकि 13 एकड़ में घीया व लौकी की बांस पर फसल लगाई है। वहीं करीब छह एकड़ में करेला व अढ़ाई एकड़ में खीरा उगाया है, जिसकी पैदावार जोरों पर है। उन्होंने बताया कि शेष बची जमीन में बारिश से सब्जी खरा होने पर उसने आलू की बिजाई कर दी है। उन्होंने कहा कि सब्जी की फसल में मेहनत के साथ-साथ कमाई बहुत है, जिससे किसान के पास महीने में कई बार पैसा आता है। जबकि गेहूं व धान में महज छह माह में फसल बिकने के बाद ही हाथ में पैसा आता है। उन्होंने किसानों को सब्जी उगाने की प्रेरणा दी।

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