तालाब में जमा गंदगी, ग्रामीण परेशान

संवाद सहयोगी, सीवन : गांव के तालाबों में गंदगी जमा होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्वर्ग द्वार मंदिर तालाब, दशाअश्वमेध का तालाब, माइसर तालाब, छिड़ाई तालाब, सौथा रोड, नीम वाला तालाब जो कभी साफ जल से भरे रहते थे। अब ये तालाब गंदगी से भरे हुए हैं। कभी इन तालाबों के स्वच्छ जल में तैराकी की प्रतियोगिता हुआ करती थी। श्री कृष्ण जन्माष्टमी, होली जैसे पर्व पर श्रद्धालु मंदिरों की पूजा कर तालाबों में स्नान करते थे।

गांव का पशुधन गर्मी में नहा कर पानी पी कर खुशहाल रहते थे। धीरे-धीरे बरसात के साथ-साथ पोलिथिन की गंदगी तालाबों की सतह पर बैठती गई भूमि गत जल रिचार्ज बंद हो गया। जन स्वास्थ्य विभाग के लगे 14 नलकूप का पानी तालाबों में गंदगी की गाद सहित बैठ कर तालाबों में गंदगी जमा हो गई है। जलखुंभी ने तालाबों पर अपना कब्जा जमा लिया है। ग्राम पंचायत कई बार इन तालाबों से जलखुंभी निकलवा चुकी है, लेकिन यह हर बार फिर तालाबों पर अपना कब्जा कर लेती है। कई पशु पानी की लालच में जल कुंभी में उलझ कर अपनी जान खो चुके है। तालाबों से दुर्गंध आती है। हल्की सी बरसात में तालाब ओवरफ्लो हो जाते हैं व निचली बस्तियों में पानी भर जाता है। अधिकतर तालाबों में अवैध कब्जे हो रहे हैं व तालाब संकरे होते जा रहे हैं।

बॉक्स

समाजसेवी कृष्ण आनंद ने बताया कि सीवन के तालाब ऐतिहासिक व पौराणिक हैं जिनकी महत्ता मंदिरों के साथ जुड़ी हुई है। उन तालाबों की पाल पक्की करके तालाबों की सफाई कर उनके स्वच्छ जल भरवाया जाए। स्वर्ग द्वार मंदिर, माइसर मंदिर का तालाब, दशा-अश्वमेध मंदिर शामिल हैं।

बॉक्स

राजेश रहेजा ने कहा कि अधर में रुका सीवरेज का कार्य पूरा किया जाए। इससे निचली बस्तियों में बरसात का पानी ओवरफ्लो नहीं हो पाएगा। सीवरेज का काम पूरा होने से ग्रामीणों को बहुत फायदा होगा।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.