नगर परिषद में करीब चार महीने बाद शुरू हुई भवनों का नक्शा पास करने की प्रक्रिया

जागरण संवाददाता कैथल नगर परिषद की तरफ से करीब चार महीनों से बंद पड़ी नक्शा पास करन

JagranSat, 04 Dec 2021 05:34 PM (IST)
नगर परिषद में करीब चार महीने बाद शुरू हुई भवनों का नक्शा पास करने की प्रक्रिया

जागरण संवाददाता, कैथल : नगर परिषद की तरफ से करीब चार महीनों से बंद पड़ी नक्शा पास करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नप के पास नियमित भवन निरीक्षक नहीं है और आनलाइन आवेदन करने वाली साइट भी बंद थी। कुछ दिन पहले ही साइट खुल गई थी और अब नप ने नक्शा पास करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अपने भवनों का नक्शा पास करवाने के लिए लोगों को अब नगर परिषद कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस दौरान करीब 170 नक्शे पास होने के बिना अटके हुए थे। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक के निर्देशानुसार नक्शा पास करने की प्रक्रिया दोबारा से शुरू की गई है। इस कार्य के लिए जेई अजय यादव, भवन शाखा के कर्मचारी अजय कुमार और बलविद्र कुमार की जिम्मेदारी लगाई गई है। टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है और करीब 20 नक्शे पास करवा दिए गए हैं। बता दें कि होम लोन लेने के लिए बैंक अधिकारी सबसे पहले नक्शा पास मांगते हैं। नक्शा पास करवाने के लिए नप के पास आवेदन करना पड़ता है। अब जिन लोगों ने आवेदन किया हुआ है सभी के नक्शे पास हो जाएंगे।

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आनलाइन करना होता है आवेदन

नगर परिषद से नक्शा पास करवाने के लिए नक्शा नवीस के पास आनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन करने के लिए आठ कागजातों की जरूरत होती है। इनमें रजिस्ट्री की कापी, इंतकाल की रिपोर्ट, अकसीजरा, जमाबंदी, हाउस टैक्स की रिपोर्ट, आधार कार्ड, ईमेल आइडी, प्लाट के साथ मालिक की फोटो। इन सभी दस्तावेजों को आनलाइन किया जाएगा और उसके बाद नगर परिषद के पोर्टल पर आवेदन की जानकारी आ जाएगी। जानकारी आने के बाद नप टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट बनाएगी। फाइनल रिपोर्ट होने के बाद नप की तरफ से नक्शा पास कर दिया जाता है।

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यह ली जाती है फीस

नियम के अनुसार भवन का नक्शा पास करवाना अनिवार्य होता है। नक्शा पास ना होने पर नप कभी भी कार्रवाई कर सकती है। नक्शा पास करवाने के लिए हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं। इसकी फीस आनलाइन जमा करवानी पड़ती है। कालोनी कितनी पुरानी है और कितने गज एरिया है उसके हिसाब से फीस तय की गई है। 2004 में पास हुई कालोनियों में 100 गज के प्लाट पर करीब 18 हजार रुपये खर्च होते थे। 2013 में पास हुई कालोनियों में 100 गज के प्लाट पर करीब नौ हजार रुपये खर्च होते हैं। 2018 में पास हुई कालोनियों में 100 गज के प्लाट का नक्शा पास कराने में करीब 40 हजार रुपये खर्च होता है।

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नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक ने बताया कि नक्शा पास करने की प्रक्रिया शुरू करवा दी गई है। चार महीने से करीब 170 फाइलें अटकी हुई थी। इस कार्य को करने के लिए एक टीम का गठन किया गया है जो जल्द से जल्द सभी फाइलों को पास करेगी।

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