निजी स्कूल पर दाखिला फीस लेने का लगाया आरोप, खूब हुआ हंगामा

निजी स्कूल पर दाखिला फीस लेने का लगाया आरोप, खूब हुआ हंगामा
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 06:08 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, कैथल : शहर के सनसिटी स्थित एक निजी स्कूल में अभिभावकों ने दाखिला फीस लेने का आरोप लगाया। अभिभावकों ने स्कूल के बाहर खूब हंगामा किया। स्कूल प्रशासन ने इन्हें करीब एक घंटे तक स्कूल के अंदर नहीं जाने दिया। इस पर अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर दु‌र्व्यवहार करने का आरोप लगाया। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल अभिभावकों को दाखिला फीस न देने की स्थिति में बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं बंद करने की धमकी देता है। विरोध के बीच कुछ समय बाद स्कूल प्रबंधन कमेटी की ओर से एक सदस्य पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने एक सप्ताह का समय दिया गया। इसमें स्कूल की ओर से जानकारी हासिल करने की बात कही गई।

खूब हुआ हंगामा :

बता दें कि दाखिला फीस की डिमांड करने के बाद स्कूल में अभिभावक प्रिसिपल से बात करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन गेट पर गार्ड ने उन्हें रोक लिया। गार्ड ने गेट बंद कर लिया और उन्हें अंदर जाने ही नहीं दिया। करीब एक घंटे तक ऐसा ही चलता रहा और खूब हंगामा हुआ। कुछ अभिभावकों के साथ गेट पर गार्ड के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ समय के बाद प्रबंधन समिति के एक सदस्य स्वयं पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने कार्यालय में ले जाकर उनसे बातचीत की।

बच्चे का नाम काटने की देते हैं धमकी :

अभिभावक मोहित, नवनीत, पंकज, राकेश, अनिल, गुरनाम और प्रिस ने बताया कि पिछले कई दिनों से स्कूल वाले दाखिला फीस की डिमांड कर रहे हैं। कोरोना महामारी के बीच अभी स्कूल बंद है तो अभी वह फीस देने में असमर्थ है। इसलिए वह स्कूल में खुलने पर ही फीस देंगे। स्कूल वाले बच्चों का नाम काटने की धमकी देते हैं और दु‌र्व्यवहार करते हैं। स्कूल में जब बात करने के लिए पहुंचे तो करीब एक घंटे तक गेट पर खड़ा रखा, इसके बाद प्रबंधन समिति के एक सदस्य यहां पहुंचे। उन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा है, जिसमें वह इसको लेकर जानकारी जुटाएंगे। यदि एक सप्ताह बाद भी फीस मांगी तो दोबारा स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

पहले भी हो चुका है विरोध :

बता दें कि कुछ दिन पहले भी इस स्कूल के खिलाफ अभिभावकों ने दाखिला फीस को लेकर प्रदर्शन किया था। उस समय भी अभिभावकों ने खूब हंगामा कर स्कूल के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया था। सोमवार को भी अभिभावक दोबारा एकत्रित हुए। स्कूल का पक्ष जानने के लिए प्रिसिपल से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने फोन उठाया नहीं उठाया। बाद में फोन सुनने की बजाय काट दिया।

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