श्री ग्यारह रूद्री मंदिर में कोरोना महामारी की मुक्ति को आयोजित किया जाएगा महारुद्र यज्ञ

पिछले दो वर्षो से कोरोना महामारी ने जीवन को एक प्रकार से रोक दिया है। कोरोना की रफ्तार धीमी हुई तो अब कुछ सामाजिक गतिविधियां भी शुरू हुई है। इसी बीच अगले वर्ष फरवरी में महाशिवरात्रि पर्व पर श्री ग्यारह रूद्री मंदिर परिसर में सात दिवसीय महारुद्र यज्ञ आयोजित किया जाएगा।

JagranSun, 26 Sep 2021 11:30 PM (IST)
श्री ग्यारह रूद्री मंदिर में कोरोना महामारी की मुक्ति को आयोजित किया जाएगा महारुद्र यज्ञ

जागरण संवाददाता, कैथल : पिछले दो वर्षो से कोरोना महामारी ने जीवन को एक प्रकार से रोक दिया है। कोरोना की रफ्तार धीमी हुई तो अब कुछ सामाजिक गतिविधियां भी शुरू हुई है। इसी बीच अगले वर्ष फरवरी में महाशिवरात्रि पर्व पर श्री ग्यारह रूद्री मंदिर परिसर में सात दिवसीय महारुद्र यज्ञ आयोजित किया जाएगा। इस महारुद्र यज्ञ का आयोजन मंदिर प्रबंधन द्वारा आमजन के सहयोग से किया जाएगा। इसको लेकर मंदिर परिसर में मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बैठक की और इसकी तैयारियां शुरू करने की रुपरेखा तैयार की। इसमें महायज्ञ की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्रधान माई लाल सैनी व प्रधान विनोद मित्तल ने की।

मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारी डा. राजेश गोयल ने बताया कि जिले में इस ऐतिहासिक श्री ग्यारह रूदी मंदिर परिसर में पहली बार महारुद्र यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। जो बहुत भव्य होगा। गोयल ने बताया कि इस यज्ञ में मुख्य रुप से जूना अखाड़ा के महंत महामंडलेश्वर योगी यतिद्रानंद गिरी शिरकत करेंगे। उनके साथ काशी संस्कृत विश्वविद्यालय से 31 ब्राह्मण यज्ञ करवाने के लिए पहुंचेगे। इसके अलावा अन्य प्रसिद्ध ब्राह्मण भी बुलाया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के सीएम मनोहर लाल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीशों और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी यज्ञ का न्यौता दिया जाएगा। यज्ञ में देसी घी के 101 टीन व 31 मण हवन सामग्री होगी प्रयोग :

प्रधान विनोद मित्तल ने बताया कि इस महारुद्र यज्ञ में देसी घी के 101 टीन व 31 मण हवन सामग्री प्रयोग की जाएगी। इसके साथ ही पूरे शहर में आमजन को एक लाख आठ हजार पंचमुखी रुद्राक्ष वितरित किए जाएंगे। यज्ञ पूरे सात दिनों तक आयोजित होगा। जिसके आयोजन के तहत मंदिर परिसर में कुल नौ कुंड बनाए गए हैं। इन कुंडों में 36 यजमानों की बैठने की व्यवस्था रहेगी। एक कुंड पर चार यजमान बैठेंगे। सभी यजमानों के रहने, खाने और उनके वस्त्रों की व्यवस्था मंदिर प्रबंधन द्वारा ही की जाएगी। यज्ञ सुबह साढ़े बजे शुरू होगा। जो डेढ़ बजे तक जारी रहेगा। इसके बाद शाम चार से छह बजे तक शिव स्तुति के पाठ का आयोजन होगा। इसके बाद फिर से शाम साढ़े सात से रात साढ़े नौ बजे तक यज्ञ किया जाएगा। एक मार्च को महाशिवरात्रि पर्व पर यज्ञ का समापन होगा। आयोजन को लेकर कमेटी का गठन : इस आयोजन को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें चीफ पैट्रन बहादुर सैनी, घनश्याम दास, माई लाल सैनी, तुलसीदास सचदेवा, राज गोयल, अशोक सैनी, वीरभान जैन, भगत राम, कृष्ण बत्तरा, इंद्रजीत सरदाना, डा. मुकेश अग्रवाल, रमेश गर्ग खाद वाले, रामकुमार गुप्ता, सुरेश मित्तल व सतनारायण मित्तल शामिल हैं।

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