एचआइवी पीड़ितों को मिलेगी 2250 रुपये प्रतिमाह पेंशन, मिली मंजूरी

बुढ़ापा पेंशन की तर्ज पर अब सरकार द्वारा एचआइवी बीमारी से पीड़ित लोगों को भी पेंशन का लाभ दिया जाएगा। प्रति माह 2250 रुपये पेंशन दी जाएगी।

JagranMon, 14 Jun 2021 06:01 AM (IST)
एचआइवी पीड़ितों को मिलेगी 2250 रुपये प्रतिमाह पेंशन, मिली मंजूरी

जागरण संवाददाता, कैथल : बुढ़ापा पेंशन की तर्ज पर अब सरकार द्वारा एचआइवी बीमारी से पीड़ित लोगों को भी पेंशन का लाभ दिया जाएगा। प्रति माह 2250 रुपये पेंशन दी जाएगी। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। जिले में 1600 के करीब एचआइवी पीड़ित हैं, जो सिविल अस्पताल से इलाज ले रहे हैं। 40 के करीब एचआइवी पीड़ितों की मौत हो चुकी है। इसी साल जिला सिविल अस्पताल में एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर भी खोला गया था। जहां इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की जांच व इलाज होता है। विभाग की तरफ से इस बीमारी के पीड़ित मरीजों को पेंशन का लाभ देने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। एक अप्रैल को सरकार ने इस योजना को लेकर घोषणा की थी। इस योजना का लाभ उन मरीजों को मिलेगा जो हरियाणा के वासी हो या तीन साल से हरियाणा में रह रहे हो और नियमित रूप से इलाज ले रहे हो। उन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा जो बीच में दवाई इलाज की प्रक्रिया को छोड़ देते हैं।

जिले में तेजी से बढ़ रही एचआइवी मरीजों की संख्या

जिले में एचआइवी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2018 में जब एफआइआरटी सेंटर शुरू किया गया था तो मात्र 200 मरीज थे, जो अब वर्ष 2019 में बढ़कर 800 हो गए। 2020 में अब तक आंकड़ा 1400 व 2021 में अब तक 1600 तक मरीजों की संख्या पहुंच चुकी है। एक अनुमान के अनुसार जिले में करीब आठ हजार लोग इस बीमारी से पीड़ित है, कई मरीज जिले से बाहर क अस्पतालों में भी इलाज ले रहे हैं। यहां एआरटी सेंटर बनने के बाद बाहर के मरीजों को भी यहां शिफ्ट किया जा रहा है।

फ्री बस सेवा की सुविधा दी जा रही

सिविल सर्जन डा. शैलेंद्र शैली ममगाईं ने बताया कि सरकार की तरफ से पहले कैंसर पीड़ितों को जिले से बाहर के अस्पतालों में इलाज के लिए आने-जाने को लेकर फ्री बस सेवा की सुविधा दी जा रही है। अब एचआइवी पीड़ितों को भी सरकार की तरफ से पेंशन का लाभ दिया जाएगा। 2250 रुपये पेंशन मरीजों को मिलेगी। इसके लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। योजना को लेकर जो शर्तें रखी गई हैं, उस अनुसार आवेदन मांगे जाएंगे। अब विभाग के पास 1600 एचआइवी मरीजों का रिकार्ड है। 40 के करीब मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। विभाग की तरफ से इस बीमारी के मरीजों की पहचान को लेकर सैंपलिग की जा रही है, जो मरीज सामने आता है उसका इलाज शुरू किया जाता है। इसके साथ-साथ बीमारी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

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