फालोअप : कैथल और यमुनानगर गैराज में बेचते थे चोरी की कारें, रात को देते थे वारदात को अंजाम

कैथल सहित अन्य जिलों में कार चोरी करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आठवें आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सीआइए-वन की टीम छापेमारी कर रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपितों ने एक साल पहले ही अपना गिरोह तैयार किया था। आरोपितों से करीब एक करोड़ रुपये की 18 गाड़ियां बरामद की जा चुकी हैं। आरोपित रात को खाली गलियों में खड़ी गाड़ियों को अपना निशाना बनाते थे।

JagranSat, 24 Jul 2021 06:52 AM (IST)
फालोअप : कैथल और यमुनानगर गैराज में बेचते थे चोरी की कारें, रात को देते थे वारदात को अंजाम

जागरण संवाददाता, कैथल : कैथल सहित अन्य जिलों में कार चोरी करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आठवें आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सीआइए-वन की टीम छापेमारी कर रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपितों ने एक साल पहले ही अपना गिरोह तैयार किया था। आरोपितों से करीब एक करोड़ रुपये की 18 गाड़ियां बरामद की जा चुकी हैं। आरोपित रात को खाली गलियों में खड़ी गाड़ियों को अपना निशाना बनाते थे। आरोपितों ने ज्यादातर मारुति की गाड़ियां ही चोरी की थी।

कैथल, यमुनानगर, पिहोवा, फतेहाबाद और दिल्ली से गाड़ियों की चोरी करते थे। सातों आरोपितों के कब्जे से गाड़ियां बरामद की जा चुकी हैं। आरोपितों ने किस जिले से अपना काम शुरू किया था, अब तक कुल कितनी गाड़ियां चोरी की हुई हैं, टीम का सरगना कौन है। इन सब सवालों के जवाब लेने के लिए आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। चोरी की कारों को कैथल और यमुनानगर गैराज में बेच दिया जाता था। उसके बाद वहां गाड़ियों के चेसिस नंबर बदल दिए जाते थे और उन्हें आगे लोगों को बेच दिया जाता था। सीआइए-वन प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि गिरोह से जुड़े आठवें आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपित शुभम व गुरमीत को गिरफ्तार करने के बाद इस गिरोह से जुड़े जींद के संडील निवासी नरेश कुमार उर्फ काला, कैथल के देवबन निवासी कुलदीप उर्फ जेपी, हिसार के आजाद नगर निवासी विशाल कुमार, हिसार की लक्ष्मी विहार कालोनी निवासी संदीप कुमार व उत्तराखंड के देहरादून मील रोड चौक बाजार डोईवाला निवासी परणीत को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने एक साल पहले ही यह गिरोह खड़ा किया। यह कारों को चोरी कर उन्हें देहरादून गैराज में भेज देते थे। जब चोरी का मामला शांत होता था तो वापस लाकर उन कारों पर कंडम कारों की चैसिस का नंबर लगाकर बेच देते थे। उन्होंने कहा कि अभी इस गिरोह से और चोरियों से पर्दा उठने की उम्मीद है। पूछताछ की जा रही है।

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