डिवाइडरों पर लगी खराब लाइटें जल्द होंगी ठीक

डिवाइडरों पर लगी खराब लाइटें जल्द होंगी ठीक

नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या गंभीर बनी हुई है। इस समस्या का समाधान करने के लिए जिला पालिका आयुक्त की तरफ से निदेशालय को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट के साथ नप और नपा के लिए बजट की भेजने की डिमांड भी की है।

JagranSun, 18 Apr 2021 06:03 AM (IST)

जागरण संवाददाता, कैथल : नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या गंभीर बनी हुई है। इस समस्या का समाधान करने के लिए जिला पालिका आयुक्त की तरफ से निदेशालय को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट के साथ नप और नपा के लिए बजट की भेजने की डिमांड भी की है। नगर परिषद के लिए दस लाख और नगर पालिकाओं के लिए तीन से पांच लाख रुपये का बजट मांगा गया है। बजट की मंजूरी मिलते ही खराब लाइटों की रिपेयर का कार्य शुरू हो जाएगा। शहर के डिवाइडरों पर लगी करीब 2200 स्ट्रीट लाइटों में से एक हजार लाइटें खराब पड़ी हैं। कई ऐसे मार्ग हैं जहां सभी लाइटें बंद ही रहती हैं। शहर के वार्डों में भी खराब लाइटों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।

नगर परिषद की तरफ से एस्टीमेट तैयार कर जिला पालिका आयुक्त समवर्तक सिंह को भेजा गया था। डिवाइडरों पर लगी लाइटों को जलाने के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हुई है।

एजेंसी का हो रहा इंतजार

शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से हरियाणा के सभी जिलों में नई एलईडी लाइटें लगाने के लिए राजस्थान की एक एजेंसी को टेंडर दिया हुआ है। एजेंसी के कर्मचारी पहले शहरों का सर्वे करेंगे और उसके बाद नई लाइटें लगाने का कार्य किया जाएगा। फिलहाल एजेंसी ने शहर में सर्वे भी शुरू नहीं किया है। ऐसे में करीब छह महीने तक नई लाइटें लगाने का कार्य शुरू नहीं हो पाएगा। डिवाइडरों और वार्डों में खराब लाइटों के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर के पार्षद भी कई बार लाइटों की समस्या का समाधान करने की मांग कर चुके हैं।

पूरे जिले में है खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या

जिला पालिका आयुक्त समवर्तक सिंह ने बताया कि खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या पूरे जिले में बनी हुई है। खराब लाइटों की रिपेयर का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई है और काम करने की अनुमति मांगी गई है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.