प्रदेश में धान की फसल की पराली को जलाने की सभी घटनाओं पर रोक लगाना सुनिश्चित किया जाए : अरोड़ा

जागरण संवाददाता, कैथल : हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जिले में धान की पराली जलाने की एक भी घटना न हो। किसानों को फसल अवशेषों के सही प्रबंधन के लिए जागरूक किया जाए।

मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से सभी जिलों में धान की पराली के सही प्रबंधन एवं अन्य प्रबंधों की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धान फसल की पराली के सही प्रबंधन के संदर्भ में दिए गए आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए किसी भी जिला में पराली जलाने की कोई भी घटना न होने दें। जिलों में इस बारे में गठित की गई टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए जाएं तथा धान की पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। नॉन बासमती धान की फसल की पराली न जलाने वाले लघु व सीमांत किसानों की सूचना भी उपलब्ध करवाई जाए।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि गत 6 नवंबर के बाद प्रदेश में धान की पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी दर्ज की गई है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जिले में धान की पराली जलाने की कोई घटना न हो ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके।

एडीसी राहुल हुड्डा ने कहा कि जिले में उपमंडलाधीशों के नेतृत्व में निरंतर टीमों के साथ निगरानी की जा रही है। जिले में गठित सभी टीमों को सतर्क किया गया है। जिले के कुछ क्षेत्र में धान की पराली का प्रबंधन अभी शेष है। जिला प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में सभी कर्मचारी व कस्टम हायरिग सेंटरों की मशीनरी को तैनात किया गया है ताकि पराली का सही प्रबंधन किया जा सके। इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जसविद्र सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद, उपमंडल कृषि अधिकारी सतीश नारा मौजूद थे।

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