शिशु मातृत्व सुरक्षा योजना को बढ़ावा देने के लिए बन रही डाक्यूमेंट्री

शिशु मातृत्व सुरक्षा योजना को बढ़ावा देने के लिए बन रही डाक्यूमेंट्री

शिशु मातृत्व सुरक्षा योजना को बढ़ावा देने के लिए डाक्यूमेंट्री बनाई जा रही है। इसकी शूटिग के लिए हरियाणा के कैथल और सोपीनत जिले का चयन किया गया है। दोनों जिलों को इसलिए चूना है क्योंकि सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के लिए बेहतर काम हुआ है। कैथल जिले का लिगानुपात भी 934 तक पहुंच गया है। यह डाक्यूमेंट्री भारत सरकार के आदेशानुसार एनआरएचएम विभाग की तरफ से बनाई जा रही है।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 06:05 AM (IST) Author: Jagran

सुरेंद्र सैनी, कैथल : शिशु मातृत्व सुरक्षा योजना को बढ़ावा देने के लिए डाक्यूमेंट्री बनाई जा रही है।

इसकी शूटिग के लिए हरियाणा के कैथल और सोपीनत जिले का चयन किया गया है। दोनों जिलों को इसलिए चूना है, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के लिए बेहतर काम हुआ है। कैथल जिले का लिगानुपात भी 934 तक पहुंच गया है। यह डाक्यूमेंट्री भारत सरकार के आदेशानुसार एनआरएचएम विभाग की तरफ से बनाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य शिशु-मातृत्व सुरक्षा योजना को बढ़ावा देना है और लोगों को गर्भवती महिलाओें डिलीवरी के लिए सरकारी सेवाओं को चयन करने के लिए जागरूक करना है।

कैथल के नौच और क्योड़क गांव में ही शूटिग

शिशु मातृत्व सुरक्षा योजना को लेकर बन रही डाक्यूमेंटी के लिए शूटिग पहले सोनीपत में हुई। दो दिनों से कैथल में शूटिग के लिए टीम पहुंची। टीम ने सबसे पहले जिला नागरिक अस्पताल का दौरा किया। यहां डिलीवरी वार्ड, लेबर रूम, ओटी, सिटी स्कैन सहित अन्य प्रकार की मिल रही सुविधाओं को शूट किया। यहां गर्भवती महिलाओं को दी जानी वाली सुविधाओं की जानकारी भी जुटाई। इसके बाद टीम क्योड़क गांव पहुंची। यहां स्वास्थ्य विभाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी शूटिग हुई। यहां से नौच गांव में भलेराम के घर पर शूटिग की गई। इस शूटिग में भले राम, वेदपाल, पूजा और भलेराम की पत्नी को शामिल करते हुए मूवी तैयार की।

इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डा. नीलम कक्कड़, नरेंद्र कुमार, राजेश कुमार भी मौजूद रहे, जिन्होंने डाक्यूमेंटी के दौरान टीम का सहयोग किया। डाक्यूमेंटी को लेकर दिल्ली व मुम्बई से 15 सदस्यों की टीम पहुंची। इनमें मुख्यतौर पर नरेंद्र जोशी, नमिता नेगी शामिल थी। कैथल स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एएनमएम, आशा वर्करों को भी शामिल किया गया। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने और ले जाने वहां इलाज के दौरान एएनएम की भूमिका को मूवी में लिया गया है। मूवी के दौरान जो गर्भवती महिला ली गई है वह मुम्बई की रहने वाली है।

डिप्टी सिविल सर्जन डा. नीलम कक्कड़ ने बताया कि डाक्यूमेंटी को लेकर कैथल में तीन दिनों तक शूटिग हुई है। सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को किस तरह की सुविधा दी जा रही है।

आशा वर्कर और एएनएम किस तरह से काम करती हैं। अस्पताल में क्या-क्या प्रबंध है, इन सभी को लेकर मूवी तैयार की गई है। कैथल जिले का इस डाक्यूमेंट्री के लिए चयन करने पर वह काफी खुश है क्योंकि प्रदेश में सोनीपत और कैथल का ही चयन किया गया है। शिशु-मातृत्व योजना में बेहतर काम करने के लिए इन दोनों जिलों का चयन इसके लिए किया गया है। दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह तक डाक्यूमेंट्री रिलीज होने की उम्मीद है।

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