बिना किसी कारण मरीजों को सरकारी अस्पतालों से रेफर नहीं कर सकेंगे चिकित्सक, कमेटी गठित

जिला नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में अब चिकित्सक मरीजों को तभी रेफर कर सकेंगे जब उनकी हालत रेफर करने की स्थिति में होगी। बिना किसी कारण के रेफर किया तो चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लगाई जाएगी।

JagranFri, 30 Jul 2021 07:58 AM (IST)
बिना किसी कारण मरीजों को सरकारी अस्पतालों से रेफर नहीं कर सकेंगे चिकित्सक, कमेटी गठित

सुरेंद्र सैनी, कैथल : जिला नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में अब चिकित्सक मरीजों को तभी रेफर कर सकेंगे, जब उनकी हालत रेफर करने की स्थिति में होगी। बिना किसी कारण के रेफर किया तो चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लगाई जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आदेशों के बाद स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सिविल सर्जन को पत्र लिखकर इस बारे में निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जो रेफर वाले वाले मरीज के बारे में जानकारी जुटाएगी। अगर रेफर बिना किसी कारण किया गया है तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी। कैथल सिविल सर्जन ने इस बारे में एक कमेटी गठित कर दी है। इसका मुख्य कारण चंडीगढ़, रोहतक, खानपुर पीजीआई सहित करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज में मरीजों की संख्या बढ़ना है।

इस कारण मरीजों का इलाज अच्छी तरह से नहीं हो पाता। इसी तरह से जिला स्तर पर भी मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण जिन मरीजों को इलाज की जरूरत है, उन्हें इलाज ठीक से नहीं मिल पाता। इसे देखते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं। पिछले छह माह में जिला सिविल अस्पताल से विभिन्न बीमारियों से संबंधित 504 मरीजों को रेफर किया गया है, इनमें 112 गर्भवती महिलाएं भी शामिल है।

पीएमओ की अध्यक्षता में बनाई कमेटी

बिना किसी कारण के मरीजों को रेफर करने के मामले में सिविल सर्जन डा. शैलेंद्र ममगाई शैली ने कमेटी गठित कर दी है। इसमें पीएमओ, आरएमओ और एक सीनियर चिकित्सक को शामिल किया है, जो रेफर होने वाले मरीजों की जांच करेंगे। बिना किसी कारण के रेफर किया गया तो विभागीय कार्रवाई होगी। लोगों की भी शिकायत रहती है कि दबाव बनाकर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है, जब हायर सेंटर में लेकर जाते हैं तो वहां इलाज सामान्य तरीके से हो जता है। इस कारण मरीजों के साथ जाने वाले तीमारदारों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है। पीजीआई ही नहीं बल्कि सिविल अस्पताल में भी मरीजों को ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों से रेफर कर दिया जाता है, इस कारण सिविल अस्पताल में बेडों की कमी तक हो जाती है।

इस तरह से प्रति माह रेफर हुए मरीज

माह - संख्या

जनवरी - 81

फरवरी - 67

मार्च - 121

अप्रैल - 123

मई - 77

जून - 81

इसी तरह गायिनी वार्ड से गर्भवती महिलाओं को बड़े अस्पतालों में डिलीवरी के लिए किया गया रेफर

माह - संख्या

जनवरी - 28

फरवरी - 16

मार्च - 20

अप्रैल - 19

मई - 09

जून - 20

सिविल सर्जन डा. शैलेंद्र ममगाई शैली ने बताया कि महा निदेशक की तरफ से मिले आदेशों का पालन किया जाएगा। सरकारी अस्पताल चाहे व ग्रामीण क्षेत्र को या जिला मुख्यालय पर हो, यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बिना किसी कारण के रेफर न करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए एक कमेटी भी गठित कर दी है, जो मरीज के रेफर संबंधित मामले को लेकर जांच करेंगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.