चैत्र नवरात्र का आगाज, मां शैलपुत्री की आराधना कर मांगी मन्नतें

चैत्र नवरात्र का आगाज, मां शैलपुत्री की आराधना कर मांगी मन्नतें

चैत्र नवरात्र का पर्व मंगलवार से शुरू हो गए। पर्व को लेकर मंदिरों को भव्य रूप से सजाए गए हैं। पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। नवरात्र को लेकर कोठी गेट स्थित प्रसिद्ध छोटी देवी मंदिर में भी मां ज्वाला जी से अखंड ज्योति लाई गई है। यहां पर सुबह के समय हवन किया गया। मंगलवार को मां के श्रद्धालुओं ने घरों में कलश की स्थापना भी की।

JagranWed, 14 Apr 2021 06:20 AM (IST)

जागरण संवाददाता, कैथल : चैत्र नवरात्र का पर्व मंगलवार से शुरू हो गए। पर्व को लेकर मंदिरों को भव्य रूप से सजाए गए हैं।

पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। नवरात्र को लेकर कोठी गेट स्थित प्रसिद्ध छोटी देवी मंदिर में भी मां ज्वाला जी से अखंड ज्योति लाई गई है। यहां पर सुबह के समय हवन किया गया। मंगलवार को मां के श्रद्धालुओं ने घरों में कलश की स्थापना भी की।

कोरोना महामारी के चलते जिला प्रशासन ने सैनिटाइजेशन, मास्क और दो गज की दूरी का पालन करने के नियम को अनिवार्य किया है। हनुमान वाटिका स्थित मंदिर के पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने कहा कि चैत्र महीने में नवरात्र पर्व का अलग महत्व है। इन नवरात्र में जो भी भक्त मां के नौ स्वरूपों की पूजा करता है उसे मनवांछित फल मिलता है।

सुबह से ही मंदिरों में लगा श्रद्धालुओं का तांता :

शहर के मंदिरों में सुबह पांच बजे ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। मां के भक्तों ने सुबह और शाम के समय मंदिरों में पहुंचकर मां की आराधना की।

शहर में बड़ी देवी और छोटी देवी मंदिर, श्री ग्यारह रुद्री मंदिर, हनुमान वाटिका स्थित मंदिर, शिव शक्ति धाम मंदिर, अंबकेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा की।

पहले नवरात्र पर मनसा देवी मंदिर

में लगा श्रद्धालुओं का तांता

पूंडरी : माता मनसा देवी मंदिर फतेहपुर में पहले नवरात्र के दिन भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर के पुजारी सुधीर व संजीव कुमार ने बताया कि सुबह पांच बजे से ही मंदिर में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था जो पूरे दिन तक जारी रहा। नवरात्र को देखते हुए मंदिर को पूरी तरह सजाया गया है।

बता दें कि फतेहपुर स्थित करीब 400 साल पुराने इस मनसा देवी मंदिर की बहुत अधिक मान्यता है, आस-पास के करीब 36 गांवों की ये कुलदेवी है।

सुबह चार बजे से ही

जुटी मंदिरों में भीड़

राजौंद : मंगलवार को शुरू हुए प्रथम नवरात्र पर नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए जयघोषों से नगर के वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। सुबह चार बजे से ही दुर्गा मंदिर, भद्रकाली मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, बाबा बहादुर बण मंदिर में भक्तों ने पूजा की। श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्र के प्रथम दिन नवदुर्गा में प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना की।

गांव बनभौरी में मां के मंदिर से पैदल लेकर आए जोत

राजौंद : खुरड़ा के लोग 70 किलोमीटर दूर बसे गांव बनभौरी में मां के मंदिर से पैदल चलकर मंगलवार को गांव की सुख शांति के लिए ज्योत लेकर आए। खुरड़ा के लोग गांव की सुख शांति भाईचारा व प्रेमभाव के लिए पिछले 19 वर्षों से लगातार बनभौरी मंदिर से जोत लेकर आ रहे है।

गांव के कृष्ण कुमार की अगुआई में सैकड़ों श्रद्धालु 70 किलोमीटर का सफर पैदल तय करके अखंड जोत लेकर खुरड़ा पहुंचे। कृष्ण ने बताया कि यह 19वी जोत गांव बनभौरी से लेकर आए हैं। इस मौके पर सुमन, अमन, जयभगवान, मामू, संदीप, मीनू, प्रवीन मौजूद थे।

आठ दिवसीय सत चंडी यज्ञ का आयोजन

राजौंद : बाबा बहादुर बन मंदिर में आठ दिवसीय सत चंडी यज्ञ का आयोजन किया गया। महंत तेज गिरी ने बताया कि मंदिर में नौ ब्राह्मणों द्वारा सत चंडी पाठ शुरू किया गया है, जो अप्रैल तक चलेगा। आचार्य बृजभूषण हरित ने बताया कि पूरे आठ दिन तक मंदिर प्रांगण में पूजन कार्यक्रम करवाया जाएगा। इस मौके पर दीपक शर्मा, राकेश रोहेड़ा, नरेंद्र हरित, रवि श्याम शर्मा, नवीन हरित, महावीर दीक्षित, मदन हरित ने भाग लिया।

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