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जिलेभर में मनाया गया अहोई अष्टमी का पर्व

संस, राजौंद : जिलेभर में अहोई अष्टमी का पर्व मनाया गया। यह पर्व विशेष तौर पर माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु व स्वास्थ्य की कमाना के लिए किया जाता है। अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। अपने बेटों के लिए महिलाओं का यह व्रत बहुत महत्वपूर्ण है। जिनकी संतान को शारीरिक कष्ट हो, स्वास्थ्य ठीक न रहता हो, बार बार बीमार पड़ते हो तो उनके लिए इस व्रत से विशेष लाभ प्राप्त होता है। इस दिन महिलाएं अहोई माता के चित्रांकन में आठ कोष्ठक की एक पूतली बनाई जाती है। उसी के पास सेह तथा उसके बच्चों की आकृतियां बना दी जाती हैं। महिलाएं जमीन पर गोबर से लीपकर क्लश की स्थापना करती हैं। अहोई माता की पूजा करके उन्हें दूध चावल का भोग लगाया जाता है।

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