महिलाएं स्मार्ट फोन में समय न गंवाएं, बच्चों को दादी-नानी की कहानियां सुनाएं

महिलाएं स्मार्ट फोन में समय न गंवाएं, बच्चों को दादी-नानी की कहानियां सुनाएं

समाज को सही मायने में तेजी से विकास करना है तो हर महिला को शिक्षित होना होगा और बच्चों को अच्छे संस्कार हर हाल में देने होंगे।

JagranWed, 03 Mar 2021 06:52 AM (IST)

जागरण संवाददाता, जींद : समाज को सही मायने में तेजी से विकास करना है तो हर महिला को शिक्षित होना होगा और बच्चों को अच्छे संस्कार हर हाल में देने होंगे। शिक्षा विकास का आधार होता है। महिला शिक्षित होती है तो वह अपने खुद का जीवन तो संवारती ही है, साथ ही पूरे परिवार को भी आगे बढ़ाने का काम करती है। महिलाएं स्मार्ट फोन में जो समय व्यर्थ गंवाती है, उस समय का सदुपयोग बच्चों को दादी-नानी की संस्कार युक्त कहानियां सुनाने में करें। मंगलवार को डीआरडीए सभागार में जिला महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी रामरती ने महिला घरेलू हिसा की रोकथाम को लेकर सेमिनार को संबोधित करते हुए यह बातें कही।

रामरती ने कहा कि शिक्षित महिलाएं समाज में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकती है। महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए महिलाओं को ही पहल करनी होगी। यह कार्य अच्छी शिक्षा प्राप्त करके ही किया जा सकता है। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं के दो अलग-अलग समूह बनाकर घरेलू हिसा, महिला उत्पीड़न, समाज के विकास में मीडिया का रोल व आधुनिक समाज से सामाजिक कुरीतियों का मिटाने में संस्कृति के महत्व विषयों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें महिलाओं ने खुलकर विचार रखे। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में दोनों पक्षों की प्रतिभागी महिलाएं इस निष्कर्ष पर पहुंचती नजर आई कि अत्याचारों को खत्म करने के लिए कभी दबे नहीं, दबाएं नहीं और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाते रहें। सात मार्च तक लगातार होंगे कार्यक्रम

जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुजाता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को मनाया जाएगा। सात मार्च तक हर रोज लगातार महिला सशक्तीकरण को लेकर कार्यक्रम किए जाएंगे। एक मार्च को महिला सुरक्षा को सेमीनार का आयोजन किया गया था। तीन मार्च को महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। चार मार्च को आलू-चम्मच रेस करवाई जाएगी। पांच मार्च को फिटनेस व स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए बैठक का आयोजन होगा। छह मार्च को पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा तथा सात मार्च को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। बेस्ट वक्ताओं को किया सम्मानित

वाद-विवाद प्रतियोगिता में महिला कॉलेज की छात्राओं के पक्ष की ओर से मीनू गोयत को बेस्ट वक्ता के अवार्ड से नवाजा गया। इस पक्ष में छात्रा ज्योति चौधरी, सवानी, विशाखा, प्राची, श्वेता ने भाग लिया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के पक्ष की ओर से पूनम देवी बेस्ट वक्ता रहीं। इस पक्ष में प्रवीण कुमारी, संतोष, अंजू देवी, मीना, नीलम तथा सरोज देवी ने भाग लिया। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी सुहिता दुग्गर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ सुमित्रा लाठर समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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