बारदाना की कमी के चलते मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं

बारदाना की कमी के चलते मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं

खरीद एजेंसी हैफेड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास बारदाने की कमी के चलते मंडी में खुले में गेहूं है। किसानों और आढ़तियों का डर है कि अगर बारिश हो गई।

JagranThu, 22 Apr 2021 07:22 AM (IST)

संवाद सूत्र, उचाना : खरीद एजेंसी हैफेड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास बारदाने की कमी के चलते मंडी में खुले में गेहूं है। किसानों और आढ़तियों का डर है कि अगर बारिश हो गई, तो गेहूं खराब हो जाएगा। बारदाना की कमी अब कुछ दिनों से अधिक होने लगी है। जिसके चलते खरीद एजेंसी भी गेहूं की खरीद कम कर रही है।

पुरानी मंडी, कपास मंडी, फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास वाली मंडी, हाइवे पर अतिरिक्त मंडी में खुले में गेहूं किसानों द्वारा फड़ों पर डाला गया है। कई आढ़तियों को तो कई दिन पहले हुई खरीद का बारदाना तक नहीं मिला है। सुभाष, सुरेश, सुनील ने कहा कि इस बार बारदाना की कमी तो शुरू से रही है। लेकिन अब बारदाना की कमी ज्यादा है। मंडी में गेहूं खुले में फड़, शेड के नीचे किसानों ने डाला हुआ है। बारिश हुई, ता गेहूं खराब होगा। खरीद एजेंसी के अधिकारियों कहते हैं, पीछे से बारदाना नहीं आ रहा है। एसडीएम डा. प्रीतपाल सिंह ने बताया कि बारदाना की अगर कमी है, तो वो इसको लेकर खरीद एजेंसी अधिकारियों से बात करेंगे। किसी तरह की परेशानी किसान, आढ़ती को नहीं आने दी जाएगी।

गेहूं उठान को लेकर पोर्टल बना परेशानी

संसू, उचाना : पहली बार गेहूं के उठान को लेकर पोर्टल प्रक्रिया शुरू की गई है। यह प्रक्रिया गेहूं उठान में सर्वर डाउन रहने से रोड़ा बन रही है। गेहूं उठान को लेकर रफ्तार धीमी होने से मंडी गेहूं के बैगों से अटी हुई है। आढ़ती और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जब सर्वर डाउन हो, तो मैनुअल गेट पास काटा जाए, ताकि उठान बाधित न हो। मंगलवार दोपहर बाद सर्वर डाउन रहने से गेट पास नहीं कट पाए, तो बुधवार को 11 बजे तक भी गेट पास नहीं कट पा रहे थे। संदीप चौधरी, रमेश श्योकंद, संजय शर्मा, रमेश ने कहा कि पहली बार उठान को लेकर पोर्टल प्रक्रिया शुरू हुई है। सर्वर डाउन होने पर उठान प्रभावित हो जाता है। अब से पहले मंडी में दुकान दर दुकान गेहूं के उठान होता था। इस बार पोर्टल की प्रक्रिया उठान को लेकर की गई है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.