शहरी उपभोक्ताओं, कमर्शियल और औद्योगिक इकाइयों से बकाया बिजली बिलों की रिकवरी शुरू

जींद में 123068 उपभोक्ताओं पर 1278 करोड़ बिजली बिल बकाया है। इनमें 86947 ग्रामीण उपभोक्ता शामिल हैं।

JagranWed, 08 Dec 2021 08:50 PM (IST)
शहरी उपभोक्ताओं, कमर्शियल और औद्योगिक इकाइयों से बकाया बिजली बिलों की रिकवरी शुरू

1,23,068 उपभोक्ताओं पर 1278 करोड़ बकाया, इनमें 86,947 ग्रामीण उपभोक्ता शामिल

जागरण संवाददाता, जींद : बिजली चोरी और बिल ना भरने के मामले में जींद सर्कल का नाम प्रदेश के टाप जिलों की सूची में शामिल है। जींद सर्कल में 123068 उपभोक्ताओं पर 1278 करोड़ दो लाख 98 हजार रुपये बिजली बिल के बकाया हैं। इनमें 86947 ग्रामीण उपभोक्ता शामिल हैं, जिन पर 1124 करोड़ 40 लाख 92 हजार रुपये बकाया हैं। वहीं शहरी घरेलू कनेक्शन उपभोक्ताओं, कमर्शियल कनेक्शन उपभोक्ताओं और औद्योगिक इकाइयों पर कुल 117 करोड़ 36 लाख 58 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। फिलहाल बिजली निगम ने शहरी उपभोक्ताओं, कमर्शियल कनेक्शनों और औद्योगिक इकाइयों से बकाया बिलों की रिकवरी करने का अभियान चलाया है। बकाया बिलों की रिकवरी के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं, जो बिल नहीं भरेगा, उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। सब डिवीजन स्तर पर अभियान शुरू हो चुका है। बिजली कर्मचारी बिल भरवाने के लिए औद्योगिक इकाइयों, दुकानों और दूसरी कमर्शियल साइट पर जा रहे हैं। जो बिल नहीं भर रहे हैं, उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं।

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किन पर कितना बकाया

शहरी घरेलू कनेक्शन उपभोक्ता

कनेक्टेड और डिस्कनेक्टड 21,045 शहरी घरेलू कनेक्शन उपभोक्ताओं पर कुल 28 करोड़ 37 लाख 54 हजार रुपये बिजली बिक बकाया हैं। इनमें 18547 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके कनेक्शन चालू हैं, उन पर 19 करोड़ 76 हजार 65 हजार रुपये बकाया हैं। वहीं 2,498 उपभोक्ताओं के कनेक्शन बिजली बिल ना भरने की वजह से कट चुके हैं। उन उपभोक्ताओं पर आठ करोड़ 60 लाख 89 हजार रुपये बिजली बिक बकाया हैं।

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कमर्शियल कनेक्शन उपभोक्ता

इनमें दुकान और अन्य कमर्शियल साइट शामिल हैं। 10,850 कनेक्शन उपभोक्ताओं पर 37 करोड़ 21 लाख 34 हजार रुपये बिजली बिल बकाया हैं। इनमें 8234 उपभोक्ताओं के कनेक्शन चालू हैं, जिन पर 21 करोड़ 56 लाख 25 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। 2618 कमर्शियल कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जिन पर 15 करोड़ 65 लाख नौ हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं।

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औद्योगिक इकाइयां

1539 औद्योगिक इकाइयों पर 51 करोड़ 77 लाख 70 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। इनमें 880 औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन चालू हैं, जिन पर 43 करोड़ 34 लाख 55 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया है। वहीं 659 औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। जिन पर आठ करोड़ 43 लाख 15 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं।

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वन टाइम सेटलमेंट स्कीम से हुई थी करोड़ों की रिकवरी

बिजली निगम ने साल 2018-19 में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम शुरू की थी। जिसके तहत उपभोक्ताओं को लाखों रुपये के बकाया बिलों से राहत देते हुए लोड के हिसाब से एकमुश्त राशि जमा कराई गई थी। जिसका जींद सर्कल में करीब एक लाख उपभोक्ताओं ने लाभ उठाया था और करीब 50 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई थी। बिजली निगम की योजना थी कि उपभोक्ता भविष्य में नियमित रूप से बिल भरें। जिससे बिजली निगम को घाटा ना हो। लेकिन लोगों ने फिर बिल भरने में रुचि लेनी बंद कर दी।

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बकाया बिलों की रिकवरी पर जोर : एसई

बिजली निगम एसई केडी बंसल ने बताया कि जींद सर्कल में बकाया बिलों की रिकवरी पर फोकस है। शुरुआत में शहरी घरेलू उपभोक्ताओं, कमर्शियल और औद्योगिक इकाइयों का बकाया बिल भरवाया जा रहा है। जो बिल नहीं भर रहे, उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा बिजली बिल ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं पर बकाया हैं। उनके भी बकाया बिलों की रिकवरी के लिए अभियान चलेगा।

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