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बर्खास्त पीटीआइ को बहाल करे मनोहर सरकार: सुरजेवाला

जागरण संवाददाता, जींद: कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 1983 पीटीआइ अध्यापकों को नौकरी से बर्खास्त करना इनके परिवारों के पेट पर लात मारना है। इन पीटीआइ अध्यापकों ने दस साल से अधिक प्रदेश में निस्वार्थ सेवा की है। 30 अध्यापक पूर्व सैनिक हैं, जिनमें गैलेंट्री अवार्ड प्राप्त दिलबाग जाखड़ भी शामिल हैं, जिन्होंने पुंछ में सात उग्रवादियों को मार गिराया था। 34 अध्यापक कैंसर, ब्रेन हैमरेज, हार्ट आदि बीमारियों से ग्रस्त हैं। 39 साथियों की मृत्यु तक हो चुकी है। सरकार ने इन सब तथ्यों पर गौर किए बगैर पीटीआई को नौकरी से हटाकर शर्मनाक कार्य किया है।

लघु सचिवालय के समीप बर्खास्त पीटीआइ के 20 दिन से चल रहे अनशन स्थल पर शनिवार को पहुंचे कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार का काम नौकरी देना है, नौकरी छीनना नहीं। जब चयन प्रक्रिया में न तो कोई भ्रष्टाचार पाया गया और न ही चयनित पीटीआई अध्यापकों का कोई कसूर पाया गया। सुरजेवाला ने पीटीआइ को सेवा में बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फार्मूला सुझाया है। एक विशेष कानून बना इन 1,983 पीटीआइ अध्यापकों को सेवा में रखा जा सकता है। सरकार अध्यादेश लाए और उसे विधानसभा से पारित करवा कानून की शक्ल दे। इस मौके पर पूर्व मंत्री रामभज, अंशुल सिगला, ईश्वर नैन, भरत सिंह मलिक, विरेंद्र जागलान, संदीप सांगवान, रणदीप सहारण, वजीर ढांडा, पूनम चौहान, रघबीर भारद्वाज, लाजवन्ती ढिल्लो, दिनेश मिन्नी, पार्षद सुमेर पहलवान, अशोक मलिक, रणबीर पहलवान, शालू गर्ग, सुभाष वाल्मीकि, काला पिडारा, मयंक गर्ग, अजमेर मनोहरपुर, धर्मपाल प्रधान, कमल चौहान, आदि नेता थे।

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