कंडेला गांव ने किसान आंदोलन में दो बार फूंकी जान

तीन कृषि कानूनों के विरोध में सालभर चले किसान आंदोलन को मजबूती देने में जींद जिले के सभी गांवों ने किसानों ने अपनी आहुति डाली।

JagranFri, 19 Nov 2021 06:36 PM (IST)
कंडेला गांव ने किसान आंदोलन में दो बार फूंकी जान

कर्मपाल गिल, जींद

तीन कृषि कानूनों के विरोध में सालभर चले किसान आंदोलन को मजबूती देने में जींद जिले के सभी गांवों ने किसानों ने अपनी आहुति डाली। हर गांव से 36 बिरादरी के लोगों से चंदा इकट्ठा करके बार्डर पर राशन व अन्य सामान पहुंचाया गया और खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर चल रहे धरनों पर भी मदद की गई। लेकिन दो मौके ऐसे आए, जब जींद जिले की कंडेला खाप ने आंदोलन को मजबूती देने में सबसे सबसे निर्णायक भूमिका निभाई।

इसी साल गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को जब किसानों ने लालकिले की तरफ कूच किया तो उसके बाद हुए उपद्रव ने हिसा का रूप ले लिया। इसके बाद सिघु बार्डर, टीकरी बार्डर व गाजीपुर बार्डर पर किसानों की संख्या काफी कम रह गई थी। गाजीपुर बार्डर पर दो किसान संगठन सरकार के समर्थन में आ गए थे और सिर्फ टिकैत की अगुआई वाला किसान संगठन ही धरने पर बचा था। एक बार ऐसा लगा था कि गाजीपुर बार्डर को सरकार पुलिस बल के सहारे खुलवाने की तैयारी कर रही है, तो उसी समय किसान नेता राकेश टिकैत का रोते हुए का वीडियो वायरल हो गया। यह वीडियो देखते ही देश में सबसे पहले जींद जिले के गांव कंडेला के किसानों ने टेकराम कंडेला की अगुआई में जींद-चंडीगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। टीवी पर जब कंडेला में जाम की खबर फ्लैश हुई तो टिकैत के समर्थन में देश में कई अन्य जगहों पर भी जाम लगने शुरू हो गए। यही वो मौका था, जब कंडेला खाप ने टिकैत व किसान आंदोलन को नई ताकत दी और सरकार गाजीपुर बार्डर खाली करवाने व टिकैत को पकड़ने से पीछे हट गई। टेकराम कंडेला खाप के सैकड़ों किसानों के साथ रात 12 गाजीपुर बार्डर पर पहुंच गए थे। इसके बाद दिल्ली की सीमा पर तीनों बार्डरों पर फिर किसानों की भीड़ बढ़ गई।

देश की पहली किसान महांचायत ने आंदोलन को दी ताकत

कंडेला खाप ने किसान आंदोलन को नई पहचान व मजबूती देते हुए तीन फरवरी को कंडेला गांव में देश की पहली किसान महापंचायत का आयोजन किया। खाप नेता टेकराम कंडेला की अध्यक्षता में हुई इस किसान महापंचायत में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी। इस महापंचायत में राकेश टिकैत, बलबीर राजेवाल, गुरनाम चढूनी, युद्धवीर सिंह समेत सभी खापों व तपों के प्रधान और किसान नेता शामिल हुए। इस महापंचायत के बाद देशभर में किसान महापंचायतों का सिलसिला शुरू हुआ। इस महापंचायत में इतनी भीड़ उमड़ी कि आयोजकों को भी इसकी उम्मीद नहीं थी। कंडेला गांव के स्टेडियम की 12 एकड़ जगह समेत आसपास की 20 एकड़ जगह में लोगों के सिर ही सिर दिखाई दे रही थी। जब यह महापंचायत खत्म हुई, तब जींद से नगूरां, कंडेला से अमरहेड़ी सहित आसपास के सभी लिक रोड जाम थे।

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