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रत्ताखेड़ा में कुरड़ी के 22 प्लॉटों पर लिया कब्जा

संवाद सूत्र, सफीदों : उपमंडल के रत्ताखेड़ा गांव में करीब 22 ग्रामीणों ने अपनी कुरड़ी की जमीन पर ड्योल निकालकर कब्जा ले लिया। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार द्वारा करीब 40 वर्ष पूर्व एससी व बीसी समाज को कुरड़ी डालने के लिए 22 प्लाट अलॉट किए थे, लेकिन इस सारी जमीन पर पिछले करीब 40 सालों ने कुछ लोग कब्जा करके फसल बिजाई कर रहे थे। ग्रामीण महा सिंह, अनिल कुमार, जयदीप, रामनिवास व रणबीर ने बताया कि उन्हें अपने घर की कुरड़ी डालने में काफी परेशानी हो रही है। जमीन पर कब्जा होने के कारण वे कुरड़ी को गांव के जोहड़ व अन्य स्थानों पर डाल रहे है लेकिन सरकार द्वारा स्वच्छता के के कड़े निर्देश जारी किए हुए है। पिछले काफी लंबे समय से उनके सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि आखिर वे अपने घर के कूड़े-कर्कट व गोबर कहां पर डालें। कुरड़ी की जमीन को खाली करवाने के लिए कई बार विवाद भी हो चुके हैं और विवाद के निपटारे के लिए वे अधिकारियों से मिले थे। काफी चक्कर काटने के बाद तहसीलदार द्वारा गांव में 19 अगस्त 2017 को पटवारी भेजकर जमीन की निशानदेही करवाई गई थी। उस दिन हुई पैमाईश को सभी पक्षों ने स्वीकार किया था। उस दिन इस जमीन पर कब्जाधारी की जीरी की फसल खड़ी होने के कारण यह फैसला लिया गया था कि फसल उठा लिए जाने के बाद वह यह जमीन खाली कर देगा, लेकिन कब्जाधारी वायदे के मुताबिक पिछले तीन सालों से बार-बार कहे जाने के बावजूद इस जमीन को खाली नहीं कर रहा है। इस बार कब्जाधारी किसान द्वारा गेहूं की फसल उठा लिए जाने के बाद शनिवार को प्लाट धारकों ने इकट्ठा होकर डयोल निकालकर प्लाटों की जमीन पर कब्जा ले लिया।

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