आइटीआइ में दाखिले के लिए पहले दिन शाम तक नहीं खुला लिक

आइटीआइ में दाखिले के लिए वीरवार से आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई। सर्वर में दिक्कत होने के कारण आवेदन के लिए लिक देर शाम तक नहीं खुला था। ऐसे में विद्यार्थियों को आनलाइन आवेदन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। आइटीआइ में दाखिले के लिए विद्यार्थी 30 सितंबर तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

JagranFri, 17 Sep 2021 07:00 AM (IST)
आइटीआइ में दाखिले के लिए पहले दिन शाम तक नहीं खुला लिक

जागरण संवाददाता, जींद : आइटीआइ में दाखिले के लिए वीरवार से आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई। सर्वर में दिक्कत होने के कारण आवेदन के लिए लिक देर शाम तक नहीं खुला था। ऐसे में विद्यार्थियों को आनलाइन आवेदन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। आइटीआइ में दाखिले के लिए विद्यार्थी 30 सितंबर तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

गौरतलब है कि इस बार 10 कक्षा में 19 हजार से अधिक विद्यार्थी पास हुए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण सभी विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया गया है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार आइटीआइ में दाखिले के लिए तीन से चार हजार अतिरिक्त विद्यार्थी शमिल हैं। ऐसे में इस बार आइटीआइ में मेरिट लिस्ट ऊंची जाने की संभावना है। जिलेभर की 21 सरकारी व निजी आइटीआइ में लगभग पांच हजार सीटों पर दाखिला होना है। दाखिले के लिए आनलाइन आवेदन करते समय आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जरूरी है। जींद में कैथल रोड स्थित राजकीय आइटीआइ के प्राचार्य अनिल कुमार ने बताया कि दाखिले से संबंधित सभी जानकारियां रजिस्टर्ड मोबाइल पर भी आएंगी। इसलिए आवेदन करते समय रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दें। बीएड की परीक्षाएं शुरू, पहले दिन 260 यूएमसी बनी

जागरण संवाददाता, जींद : चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले जींद व अन्य जिलों में बीएड की परीक्षा वीरवार से शुरू हुई। वीरवार को बीएड द्वितीय वर्ष, बीएड स्पेशल, एमएड समेत अन्य कोर्स में 9489 विद्यार्थियों ने आनलाइन परीक्षा दी। जिनमें से 260 विद्यार्थियों के अनफेयर मीन्स केस यानि यूएमसी बनी।

शुक्रवार को बीएड प्रथम वर्ष की परीक्षा होगी। जींद, पानीपत, सोनीपत, हिसार, पलवल, चरखी दादरी व अन्य जिलों के 35 हजार से ज्यादा विद्यार्थी बीएड की प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षा देंगे। जिनमें से आधे विद्यार्थियों ने आनलाइन और आधे विद्यार्थियों ने आफलाइन परीक्षा देने का विकल्प चुना हुआ है। उप परीक्षा नियंत्रक डा. अनुपम भाटिया ने बताया कि परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। आनलाइन परीक्षा के दौरान कोई भी संदिग्ध गतिविधि होने पर परीक्षार्थी की यूएमसी बन जाती है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.