10 हॉर्सपावर तक सौर ऊर्जा का कनेक्शन लेने का आप्शन, निगम ने किसानों को नोटिस भेज कर मांगा जवाब

जागरण संवाददाता, जींद : जिले में 7607 किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शनों के लिए अप्लाई किया हुआ है। प्रदेश सरकार की घोषणा के अनुसार अगले चार-पांच माह तक इन सभी किसानों को कनेक्शन जारी किए जाएंगे। 10 हॉर्सपावर तक कनेक्शन लेने वाले किसानों के पास दो विकल्प हैं। वे ग्रिड से व सौर ऊर्जा का कनेक्शन ले सकते हैं। इन आवेदकों को बिजली निगम ने नोटिस भेज कर उनसे जानकारी मांगी है कि वे कौन सा कनेक्शन लेने के इच्छुक हैं।

गौरतलब है कि सीएम मनोहर लाल ने पिछले साल ट्यूबवेल कनेक्शन पर लगी रोक हटाते हुए 31 दिसंबर तक आवेदन करने वाले सभी किसानों को कनेक्शन देने की घोषणा की थी। इसमें करीब 20 हजार किसानों को सोलर का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया। 27 दिसंबर को ये घोषणा हुई थी। उस समय तक करीब साढ़े चार हजार किसानों के आवेदन थे, लेकिन चार दिन के अंदर तीन हजार से ज्यादा किसानों ने आवेदन किए। कुल आवेदनों में 3962 किसानों ने 10 हॉर्सपावर तक क्षमता का कनेक्शन लेने के लिए अप्लाई किया है। इस क्षमता तक सरकार द्वारा किसान को सौर ऊर्जा का कनेक्शन लेने का भी विकल्प दिया गया है। जिस पर सरकार सब्सिडी भी देगी। इनमें जींद डिविजन में 1395, नरवाना डिविजन में 1016 व सफीदों डिविजन में 1551 आवेदन हैं। इनमें से 700 से ज्यादा किसानों को निगम की तरफ से नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी किसान ने अपना विकल्प नहीं बताया है।

सौर ऊर्जा का कनेक्शन सस्ता

बिजली निगम के कनेक्शन की तुलना में सौर ऊर्जा का कनेक्शन काफी सस्ता रहेगा। इस पर सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जाएगी। सौर ऊर्जा के कनेक्शन के साथ-साथ 10 हॉर्सपावर तक की मोटर भी मिलेगी। वहीं बिजली कनेक्शन में निगम पोल, तार के साथ ट्रांसफार्मर रखेगी। जिसकी कीमत किसान से ली जाएगी। वहीं मोटर खुद किसान को लानी होगी। जो किसान सौर ऊर्जा का कनेक्शन लेने के इच्छुक हैं। निगम उनके नाम डीआरडीए को भेजेगी, जहां से उन्हें सौर सिस्टम दिलाए जाएंगे। वहीं बाकी के कनेक्शन निगम करेगी।

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सौर ऊर्जा काफी किफायती है। इसमें रात को सप्लाई का झंझट नहीं है। वहीं इसका कोई मासिक चार्ज भी नहीं है। खेत के साथ इसका प्रयोग घरेलू कार्यों में भी कर सकते हैं। निगम जो कनेक्शन देगी, उसका प्रयोग केवल खेती के लिए कर सकते हैं। सप्लाई रूटिन में एक सप्ताह दिन में व एक सप्ताह रात को आती है। किसानों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, किसान अपना आप्शन निगम को बताएं। जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

श्यामबीर सैनी, एसई बिजली निगम जींद।

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