दोपहर को उद्घाटन कर चले गए सहकारिता मंत्री, देर शाम तक शुरू नहीं हुई गन्ने की पेराई

जागरण संवाददाता, जींद : सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने दी जींद सहकारी शुगर मिल में बृहस्पतिवार दोपहर को पेराई सत्र का शुभारंभ किया। हवन व मंत्रोच्चारण के बाद सहकारिता मंत्री ने मशीन का बटन दबा कर पेराई सीजन की शुरुआत की। सहकारिता मंत्री तो उद्घाटन करके चले गए, लेकिन शुगर मिल में पेराई का काम देर शाम तक शुरू नहीं हो पाया। सैकड़ों किसान मिल में गन्ना लेकर आए हुए हैं और हजारो क्विटल गन्ना किसान खेत में काट कर लाने के इंतजार में है। बताया जा रहा है कि कोई तकनीकी दिक्कत आई हुई है, जिसका पता बुधवार रात को चला। शुगर मिल ने गन्ना लाने के लिए काफी संख्या में किसानों को पर्ची भेजी हुई है। तकनीकी दिक्कत ठीक नहीं होने तक बहुत से किसानों को गन्ना नहीं लाने के लिए कहा गया है। हालांकि चीफ इंजीनियर हरिओम का कहना है कि सीजन की शुरुआत में तैयारियों में समय लगता है। जल्द ही पेराई का काम शुरू किया जाएगा। उद्घाटन करने पहुंचे सहकारिता मंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल जींद शुगर मिल प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा था। इस बार इस मिल को प्रदेश में पेराई व चीनी रिकवरी में पहले नंबर पर लाने के लिए किसान अपना पूरा सहयोग दें। पेराई के दौरान किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गन्ने की अगेती किस्म का प्रति क्विटल 340 व मध्यम व पछेती किस्म के रेट 335 रुपये हैं। इस साल के रेट जल्द ही निर्धारित किए जाएंगे। सहकारिता मंत्री ने मिल परिसर में सबसे पहले गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली लाने वाले गांव गुलकनी के हरिओम पुत्र मोजी को नकद राशि तथा शॉल देकर सम्मानित किया। इस दौरान जींद से विधायक डॉ. कृष्ण मिढ़ा, बीजेपी जिला प्रधान अमरपाल राणा, एसडीएम एवं शुगर मिल के एमडी सत्यवान मान, केन मैनेजर रोहताश लाठर, को-ऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक जयप्रकाश वर्मा, हरियाणा शुगर मिल वर्कर फेडरेशन के प्रधान ओम प्रकाश सरसाणा, मिल के वर्कर यूनियन के प्रधान कृष्ण धीमान, शुगर मिल के डायरेक्टर गीता, सुखजिद्र रेढू मौजूद रहे।

ओटीएस का लाभ उठाने के बचे सिर्फ 10 दिन

हरियाणा सरकार द्वारा सहकारी बैंको के डिफॉल्टर किसानों के लिए लागू की गई वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के अंतिम 10 दिन शेष हैं। सहकारिता मंत्री ने अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया। वहीं पत्रकारों द्वारा किसानों की कर्जा माफी के सवाल को टालते हुए उन्होंने कहा कि वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

दो चरणों में बढ़ेगी मिल की क्षमता

एसडीएम एवं शुगर मिल एमडी सत्यवान मान ने बताया कि शुगर मिल के विस्तार का कार्य शुरू हो चुका है। विस्तारीकरण के कार्य पर 24 करोड़ 85 लाख रुपए की राशि खर्च होगी। प्रथम चरण में खर्च होने वाले पांच करोड़ रुपये का प्रबंध तो मिल प्रबंधन ने जैसे-तैसे कर लिया है। दूसरे चरण में खर्च होने वाली बाकी बजट के लिए सरकार की तरफ से मदद की सहकारिता मंत्री के समक्ष मांग रखी। मिल का विस्तार होने के बाद इसकी पेराई क्षमता 16 हजार क्विटल से बढ़कर 22 हजार क्विटल हो जाएगी।

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