कोख के कातिलों की मददगार स्टाफ नर्स पुलिस की जद में, भेजा न्यायिक हिरासत

कोख के कातिलों की मददगार स्टाफ नर्स पुलिस की जद में, भेजा न्यायिक हिरासत
Publish Date:Sun, 20 Sep 2020 07:00 AM (IST) Author: Jagran

अमित पोपली, झज्जर : बेटियों की कोख में पहचान करने वालों की मददगार स्टाफ नर्स सरिता दहिया को पुलिस ने अपनी जद में ले लिया है। करीब एक माह तक पुलिस से आंख-मिचौली का खेल खेलने वाली स्टाफ नर्स को बेरी थाना पुलिस टीम ने अदालत में पेश करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपित नर्स के मोबाइल फोन की जांच की जा रही हैं। हालांकि, अभी तक अन्य कोई ठोस बात सामने नहीं आ पाई है। एक अन्य आरोपित स्टाफ नर्स भी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रही है। योजनाबद्ध ढंग से चल रहे खेल में स्वास्थ्य विभाग की टीम की मेहनत के दम पर आरोपित जद में आ पाए हैं। 15 अगस्त को हुआ था 26 हजार में सौदा :

सिविल सर्जन कार्यालय क्षेत्र में सबसे पहले 15 अगस्त को यह सौदा हुआ। नर्स नीलम ने 26 हजार रुपये में भ्रूण लिग जांच करवाने की बात कही थी। साथ ही खुद की गाड़ी लाने सहित अन्य कुछ शर्तों को शामिल किया गया। बाद में ग्राहक बनाई गई महिला के पति का नंबर लेने के बाद दोबारा वाट्सएप से संपर्क करने की बात हुई। दो-तीन दफा हुई बात और मुलाकात के बाद नीलम और सुमित को किसी तरह से शक हो गया। ऐसी स्थिति में उन्होंने न तो उनसे दोबारा बात की और न ही उनके फोन का जवाब दिया। ग्राहक बनाई गई महिला के संपर्क करने पर उन्होंने फोन भी बंद कर दिए। पुन: नए सिरे से टीम ने काम में लगते हुए 70 हजार रुपये में सौदा फाइनल किया। आरोपित सुमित से 15500 रुपये बरामद भी हुए थे। बता दें कि मूल रूप से वजीरपुर गांव निवासी सुमित स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस चालक रह चुका है।

इस तरह सामने आए आरोपित

सीधे तौर पर सबसे पहले विभाग की जद में आए पूर्व एंबुलेंस चालक वजीरपुर गांव निवासी सुमित के मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड से काफी मदद मिली। विभाग के स्तर पर तय हुआ सौदा नर्स नीलम ने 70 हजार रुपये में किया था। सौदे के मुताबिक लिग जांच के लिए सुमित छिक्कारा चौक पर पहुंचा। नकद राशि लेने के बाद सुमित ग्राहक बनाई गई महिला को उसी की गाड़ी में गाजियाबाद ले गया। यहां से महिला ग्राहक को पहले किसी एक दुपहिया वाहन से ले जाया गया। कुछ समय इंतजार करने के बाद फिर एक वैगन आर गाड़ी वहां पहुंची। जिसमें दो अन्य गर्भवती महिलाएं थीं। वहां से गाड़ी चालक महिला ग्राहक को गलियों से घुमाते हुए एक अन्य घर में ले गया। यहां पर पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासांउड किया गया। बेरी वापस पहुंचने के बाद सुमित ने इस बात का खुलासा किया कि महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। रिपोर्ट बताने के बाद आरोपित को पकड़ लिया गया। आरोपित से की गई पूछताछ और बरामद हुए मोबाइल से काफी मदद भी मिली है। इन्हें ठहराया गया आरोपित

1. सुमित, पूर्व एंबुलेंस चालक, निवासी वजीरपुर

2. नीलम, स्टाफ नर्स,

3. सरिता दहिया, स्टाफ नर्स

4. भिडावास निवासी धमेंद्र उर्फ सोनू

5. वैगनार गाड़ी का मालिक

6. गाजियाबाद से साधना

7. गाजियाबाद से रमेश

8. अवैध रूप से अल्ट्रासांउड करने वाले आरोपित तत्कालीन समय में विभाग की टीम में रहे शामिल

डा. अचल त्रिपाठी, नोडल अधिकारी

डा. संदीप कुमार,

डा. रवि गोदारा

डा. हर्षदीप

अजय

अनिल

संजय

दर्ज किए गए मामले में आरोपित स्टाफ नर्स सरिता दहिया को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। शेष आरोपितों को जद में लेने के लिए पुलिस की टीम प्रयासरत है। उम्मीद है शेष आरोपित भी शीघ्र ही काबू कर लिए जाएंगे।

प्रीतम सिंह, जांच अधिकारी, बेरी थाना पुलिस।

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