दूसरे दिन भी बिजली फाल्ट को ठीक करने में जुटे रहे कर्मचारी, बत्ती रही गुल

बिजली सप्लाई बाधित रहने के कारण नहीं हो पाया आनलाइन कार्य तकनीकी स्तर पर आया फाल्ट मरीज भी हो रहे परेशान

JagranSat, 31 Jul 2021 07:40 AM (IST)
दूसरे दिन भी बिजली फाल्ट को ठीक करने में जुटे रहे कर्मचारी, बत्ती रही गुल

जागरण संवाददाता, झज्जर :

जिला अस्पताल की दूसरे दिन भी बिजली सप्लाई बाधित रही। जिस कारण आनलाइन कार्य बाधित रहे और मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, तकनीकी स्टाफ फाल्ट को ठीक करने के लिए जुटा रहा। ताकि सप्लाई सुचारू रूप से हो सके। बरसात के कारण जिला अस्पताल की तारों में शार्ट सर्किट हो गया है। जिससे कि वीरवार को दिनभर जिला अस्पताल की बत्ती गुल रही। यही स्थिति शुक्रवार को भी बनी रही। कर्मचारी फाल्ट को ठीक करने के लिए लगे रहे और अस्पताल में बिजली सप्लाई नहीं होने के कारण मरीजों, तीमारदारों व अस्पताल स्टाफ को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बिजली सप्लाई नहीं होने के कारण सबसे अधिक आनलाइन कार्य प्रभावित हुआ। अस्पताल में रजिस्ट्रेशन पर्ची बनाने से लेकर चिकित्सीय उपचार आनलाइन करने, दवाइयां, टेस्ट व एक्स-रे आदि की रिपोर्ट भी आनलाइन माध्यम से दी जाती है। बिजली बाधित होने के कारण आनलाइन कार्य प्रभावित रहा। बता दें कि हर रोज जिला अस्पताल में औसतन 500 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। शुक्रवार को कंप्यूटर नहीं चलने के कारण मरीजों की रजिस्ट्रेशन पर्चियां भी आफलाइन माध्यम से हाथ से लिखकर बनानी पड़ी। जिसमें समय भी अधिक लगा और मरीजों को लाइनों में लगा रहना पड़ा। नहीं हुए अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे

बिजली सप्लाई बाधित होने के कारण शुक्रवार को जिला अस्पताल में एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। सामान्यत: जिला अस्पताल में 50 से अधिक लोग अल्ट्रासाउंड के लिए व 50 से अधिक लोग एक्स-रे के लिए आते हैं। सभी को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। साथ ही दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंची महिलाएं तो दोपहर तक बिजली का इंतजार करती नजर आई। लेकिन जब बिजली सप्लाई सुचारू नहीं हुई तो वे वापस लौट गई। इधर, इंतजार करने वालों में गर्भवती महिलाएं भी शामिल रही। फिर पानी ना भरे, इसके लिए कर रहे व्यवस्था

जिला अस्पताल में सप्लाई हो रही बिजली के मुख्य कंट्रोल रूप में जलभराव के कारण शार्ट सर्किट से नुकसान हुआ है। कंट्रोल रूम की खिड़कियों पर शीशे नहीं होने के कारण बरसात का सीधा पानी अंदर आ गया था। अब आगे से ऐसी घटना ना हो, इसलिए इन खिड़कियों का माप लिया जा रहा है। ताकि इन पर शीशे या अन्य किसी के जरिए ढका जा सके। ताकि फिर से बरसात का पानी रूम के अंदर ना हो और शार्ट सर्किट जैसी स्थिति ना बनें। अस्पताल में जगह-जगह जलभराव

बरसात के कारण जिलाभर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिस कारण अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को भी दिक्कत होती है। वहीं जलभराव की स्थिति हर बरसात में देखने को मिलती है। वीरवार को तो जिला अस्पताल की स्थिति अधिक खराब थी। मरीजों को पानी से होकर ही गुजरना पड़ा। शुक्रवार को जल स्तर कुछ कम हुआ, लेकिन जलभराव की स्थिति से राहत नहीं मिली। अस्पताल में आने-जाने वाले रास्तों, पार्किंग व अन्य स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हैं।

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