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रातभर चला सर्चिग अभियान, सवा 15 घंटे बाद 50 मीटर दूर मिला आशीष का शव

संवाद सूत्र, साल्हावास : नेहरू कैनाल नहर में नहाने गए करीब 18 वर्षीय युवक के डूबने के बाद रातभर पुलिस, गोताखोर व ग्रामीण युवक को खोजने में जुटे रहे। नहर का तेज बहाव होने के कारण खोजने में दिक्कत हो रही थी। ग्रामीणों ने नहर का पानी कम करने की मांग को लेकर रविवार सुबह साल्हावास के मुख्य मार्गों पर जाम लगा दिया। साल्हावास बीडीपीओ व थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और दो घंटे बाद सुबह 9 बजे जाम खुलवाया। वहीं करीब सवा 15 घंटे के बाद सुबह करीब सवा 9 बजे डूबने के स्थान से करीब 50 मीटर दूर युवक का शव मिला। पुलिस ने स्वजनों के बयान पर कार्रवाई करते हुए शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

बताते हैं कि गांव साल्हावास निवासी 18 वर्षीय आशीष उर्फ आशु पुत्र मनोज शनिवार शाम को अपने साथियों के साथ नेहरू कैनाल नहर में गांव भुरावास पुल के नजदीक नहाने गया था। शनिवार शाम करीब 6 बजे वह नहर में डूब गया। ग्रामीण व पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की तलाश करने में जुट गए। ग्रामीणों ने युवक को तलाशने के लिए नहर में जाल भी डाला। साथ ही गोताखोर भी अपने स्तर पर खोजने में जुटे रहे। पानी का बहाव तेज होने के कारण खोज पाना भी मुश्किल हो रहा था। कई मार्गो पर यातायात रहा बाधित

नहर में पानी कम नहीं होने पर रविवार सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने गांव साल्हावास के मुख्य मार्गों पर जाम लगा दिया। कोसली-झज्जर मार्ग, कोसली-सुबाना मार्ग व कोसली-दादरी वाया सुधराणा मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। बीडीपीओ निशा तंवर व साल्हावास थाना प्रभारी सुरेश हुड्डा ने अकेहड़ी पंप हाउस से पानी कम करवाने व पुलिस के छह गोताखोर बुलाने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीणों ने करीब 9 बजे जाम खोल दिया। वहीं इसके 15-20 मिनट बाद आशीष के शव को भी खोज निकाला। पुलिस शव को पोस्टमर्टम के लिए जिला अस्पताल में ले आई। आशीष के नहर में डूबने की सूचना पर रोहतक के सांसद अरविद शर्मा की ओर से राज पारेख भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने उच्च अधिकारियों से फोन पर बातचीत करके पानी को कम करवाने की कोशिश की। दो भाइयों का साथ छोड़ गया आशीष

मनोज के तीन बेटे थे। बड़ा बेटा राहुल (बारहवीं की परीक्षा दी है), बीच का आशीष (दसवीं की परीक्षा दी है) व सबसे छोटा तरुण(नौवीं कक्षा का छात्र) है। इस हादसे के बाद आशीष दोनों भाइयों का साथ छोड़ गया। हैंडबाल का भी खिलाड़ी था आशीष

एचडी संस्था के संस्थापक रमेश गुलिया ने बताया कि आशीष होनहार विद्यार्थी होने के साथ-साथ हंसमुख भी था। हैंडबाल का भी अच्छा खिलाड़ी थी। हालांकि तीनों भाई पढ़ाई में अच्छे हैं।

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