गलत बाडी पाश्चर बिगाड़ रहा रीढ़ का अलाइनमेंट, वर्क फ्राम होम ने बढ़ाए कमर व गर्दन दर्द के मरीज

घर पर काम करने के दौरान उनके बैठने के गलत तरीके ने उन्हें कम व गर्दन दर्द का मरीज बना दिया है। बाडी पाश्चर सही नहीं हाेने के कारण अब बदन दर्द बढ़ गया है। बदन दर्द में इजाफा करने वाला सबसे बड़ा कारण गलत बाडी पाश्चर है।

Manoj KumarFri, 24 Sep 2021 10:33 AM (IST)
रोहतक में पीजीआइ के फिजियोथैरेपी विभाग में पहुंच रहे एक जगह बैठे रहकर काम करने वाले कामकाजी युवा

जागरण संवाददाता, रोहतक : कामकाजी युवाओं को मिले वर्क फ्राम हाेम ने शारीरीक तौर पर काफी कष्ट दिए हैं। घर पर काम करने के दौरान उनके बैठने के गलत तरीके ने उन्हें कम व गर्दन दर्द का मरीज बना दिया है। बाडी पाश्चर सही नहीं हाेने के कारण अब बदन दर्द बढ़ गया है। बदन दर्द में इजाफा करने वाला सबसे बड़ा कारण गलत बाडी पाश्चर है। बाडी पाश्चर ठीक नहीं होने से रीढ़ की हड्डी का अलाइनमेंट बिगड़ जाता है। इससे कमर के निचले हिस्से और गर्दन में दर्द होता है। कुछ इसी प्रकार की समस्या लेकर पीजीआइ के फिजियोथैरेपी विभाग में काफी कामकाजी युवा पहुंच रहे हैं। जिन्हें सलाह के साथ ही आधुनिक मशीनों पर एक्सरसाइज करवा उपचार दिया जा रहा है।

लंबी सीटिंग बनाती है डिश समस्या

शरीर कई ज्वाइंट्स को साथ मिलाकर खड़ा होता है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने से कशेरूकाओं के बीच स्थित शाक-एब्जार्बिंग डिश पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जिससे कमर की मांसपेशियां थक जाती हैं। गलत पाश्चर में बैठना इस स्थिति को और गंभीर बना देता है। यह समस्या उन युवाओं में अधिक दिखाई पड़ रही है, जो आइटी कंपनियों में डेस्क जाब करते हैं। कंप्यूटर के सामने लगातार कई घंटे बैठे रहने वाले लोग इसका शिकार बन रहे हैं।

एक्सरसाइज बेहद आवश्यक

-फिजिकली एक्टिव रहें, नियमित एक्सरसाइज और योग करें। पैदल चलना बोन मास को बढ़ाने में सहायक होता है। रेगुलर वर्कआउट करने से वजन कंट्रोल में रहता है, जिससे मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।

-कुर्सी पर बैठे-बैठे गर्दन को विपरीत दिशा में दाएं-बाएं, आगे-पीछे हाथों से पांच-पांच सेकेंड धकेलें। स्मूदली ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं भी 10-10 सेकेंड कर सकते हैं।

- कंप्यूटर स्क्रीन से अपनी आंखों को करीब 80 सेंटीमीटर दूर रखें।

-फोन को कान और कंधे के बीच फंसाकर बात न करें। ऐसे में ईयरफोन का इस्तेमाल ज्यादा बेहतर विकल्प होगा।

ये बाडी पाश्चर है उचित : डा. भावना

कमर दर्द से बचने के लिए हमेशा कमर को सीधी और पीछे की ओर करके इस तरह बैठें कि शरीर का भार दोनों हिप्स पर बराबर हो। यह भी जरूरी है कि एक ही पाजीशन में 30 मिनट से ज्यादा न बैठें।

इसलिए कितना भी जरूरी काम हो यह जरूरी है कि उसके बीच से ब्रेक लें। हर घंटे में एक बार अपनी कुर्सी से उठें तथा अपनी गर्दन और कमर को 30 सेकेंड तक स्ट्रेच करें।

डा. भावना, अस्सिटेंट प्रोफेसर, फिजियोथैरेपी कालेज, हेल्थ विवि रोहतक।

 

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