Attention : सिरसा में 63.7 प्रतिशत महिलाएं मोटापे का शिकार, 0.7 फीसद नवजात भी ओवरवेट

सिरसा में छह से 59 महीने के 70.1 प्रतिशत बच्चे एनीमिया के शिकार है। 15 से 49 साल तक की 62.1 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया ग्रस्त है जबकि पांच साल पहले यह दर 59.7 प्रतिशत थी। जिले में 15 से 49 साल तक की 61.9 प्रतिशत है

Naveen DalalSat, 04 Dec 2021 09:42 PM (IST)
मिनिस्ट्री आफ हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर द्वारा 2020 में नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे पांच में हुआ खुलासा।

सिरसा, जागरण संवाददाता। सिरसा में स्वास्थ्य की दृष्टि से बच्चों व महिलाओं की हालात चिंतनीय है। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे - 5 में खुलासा हुआ है कि जिले में महिलाओं में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। जिले की 63.7 प्रतिशत महिलाओं में मोटापा अत्यधिक है। इनका वजन 85 किलो से अधिक है। 0.7 प्रतिशत बच्चे ओवरवेट है यानि मोटापे का शिकार है।

मोटापे से परेशान महिलाएं

यह खुलासा मिनिस्ट्री आफ हेल एंड फेमिली वेलफेयर द्वारा 2020 में आयोजित नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे पांच हुआ है। मिनिस्ट्री आफ हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर द्वारा सिरसा जिले के 483 घरों में 588 महिलाओं और 28 पुरुषों से यह जानकारी जुटाई गई। एनएफएचएस-5 हरियाणा के लिए फील्डवर्क 12 जनवरी 2020 से 21 मार्च 2020 तक लाकडाउन से पहले आयोजित किया गया था। 21 दिसंबर 2020 से 30 अप्रैल 2021 तक सोसायटी फार प्रमोशन आफ यूथ एंड मास द्वारा किया गया था।

64.9 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया ग्रस्त 

जिले में छह से 59 महीने के 70.1 प्रतिशत बच्चे एनीमिया के शिकार है। 15 से 49 साल तक की 62.1 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया ग्रस्त है जबकि पांच साल पहले यह दर 59.7 प्रतिशत थी। जिले में 15 से 49 साल तक की 61.9 प्रतिशत तथा 15 से 19 साल तक की 64.9 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया ग्रस्त है यानि उनमें खून की कमी है।पांच साल तक के 25 प्रतिशत बच्चों की लंबाई कम मिली है यानि वे बौने है। जिले में पहले यह दर 34.2 थी।  23.4 प्रतिशत बच्चों का वजन कम है। जिले में 5.1 प्रतिशत बच्चे गंभीर अपाहिज है। पांच साल पहले यह दर 7.2 प्रतिशत थी। जिले में छह से 23 महीने के 9.1 प्रतिशत बच्चों को ही संतुलित आहार मिल रहा है।

फैमिली प्लानिंग के लिए 74 प्रतिशत महिलाएं अपना रही कोई न काेई माध्यम

18 से 49 साल तक की 74 प्रतिशत महिलाएं परिवार नियोजन के लिए कोई न कोई उपाय अपना रही है। 64.2 प्रतिशत आधुनिक उपाय अपना रही है। 40.4 प्रतिशत ने नलबंदी करवाई है। जिले में पुरुष नसबंदी शून्य प्रतिशत है। पांच साल पहले यह दर 0.3 प्रतिशत थी। चार प्रतिशत आइयूडी, 1.7 प्रतिशत गर्भ निरोधक गोलियां खा रही है। 18 प्रतिशत कंडोम तथा 0.1 प्रतिशत इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रही है।

एनीमिया मुक्त करने के लिए विशेष मुहिम शुरू की जाएगी

मिनिस्ट्री आफ हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर द्वारा 2020 में आयोजित नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे पांच हुआ है। सर्वे की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं। उसके बाद उसकी समीक्षा कर जिले में स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा। महिलाओं व बच्चों को एनीमिया मुक्त करने के लिए विशेष मुहिम शुरू की जाएगी।

- डा. बुधराम, डिप्टी सिविल सर्जन , सिरसा

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