दुनिया के नंबर वन बॉक्‍सर अमित पंघाल को गेहूं कटाई में मां का हाथ न बंटाने का है मलाल

राष्‍ट्रीय कैंप में गए अमित पंघाल ने मां की तस्वीर के साथ ट्वीट कर अपनी भावनाओं को उजागर किया है

रोहतक निवासी अमित पंघाल अपने भार वर्ग में दुनिया के नंबर-1 रैंक बॉक्सर हैं। सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं और देश के लिए टोक्यो ओलंपिक में कोटा भी पा चुके हैं। अमित पंघाल जब भी घर आते हैं तो वह घरेलू कार्यों में पूरा सहयोग देते हैं।

Manoj KumarWed, 14 Apr 2021 03:17 PM (IST)

रोहतक [ओपी वशिष्ठ] टोक्यो ओलंपिक में देश को कोटा दिलाने वाले दुनिया के नंबर-वन बॉक्सर अमित पंघाल को फसल कटाई की चिंता सता रही है। नेशनल कैंप में होने के कारण वह परिवार के साथ कार्य में हाथ नहीं बंटा पाया है। गेहूं साफ करते हुए मां के फोटो के साथ ट्वीट करते हुए अपनी भावनाओं को उजागर किया है। साथ ही, उन युवाओं को परिवार के सदस्यों के कार्य में सहयोग देने का आह्वान किया है, जो अपने घर में हैं। बैसाखी पर उनका यह ट्वीट युवाओं के लिए प्रेरणा भी साबित हो सकता है।

जिला के मायना गांव निवासी अमित पंघाल अपने भार वर्ग में दुनिया के नंबर-1 रैंक बॉक्सर हैं। सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं और देश के लिए टोक्यो ओलंपिक में कोटा भी दिलवा चुके हैं। अमित पंघाल जब भी घर आते हैं तो वह परिवार के कार्यों में पूरा सहयोग देते हैं। परिवार खेती-बाड़ी करता है और वर्तमान में गेहूं की कटाई और कढ़ाई का काम चल रहा है। लेकिन पटियाला में अमित नेशनल कैंप में होने के चलते घर नहीं आ पाया। अमित ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से घर में मां की गेहूं साफ करते हुए तस्वीर लगाई है। साथ ही, लिखा है नेशनल कैंप में होने के कारण मां का हाथ नहीं बंटा पा रहा। अमित पंघाल सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित गवर्नर कप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। बुधवार को भारतीय टीम रूस के लिए रवाना होगी।

लॉकडाउन में की थी गेहूं की कटाई

अमित पंघाल कोरोना महामारी के बचाव को लेकर 2020 में सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन में घर पर ही थे। उन्होंने परिवार के साथ गेहूं की कटाई और कढ़ाई करवाने में पूरा सहयोग दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने ट्राली से गेहूं उतारते हुए का फोटो भी इंटरनेट मीडिया डाला था, जिसको काफी लोगों ने सराहा और उनकी सादगी की मिसाल दी गई थी।

हर  युवा को करना चाहिए सहयोग : अमित

अमित पंघाल ने दैनिक जागरण से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि साल में किसान के लिए फसल की कटाई एक महाउत्सव होता है। बैसासी पर्व इसी का उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि परिवार का हर युवाओं को इस समय सहयोग देना चाहिए। उन्होंने युवाओं को नशे व अन्य बुरी संगतों से भी दूर रहने का आह्वान किया है।

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