दिल्‍ली लॉकडाउन के चलते बहादुरगढ़ से घर लौटने लगे कामगार, बोले- महामारी कब तक रहेगी पता नहीं

सोमवार दोपहर के बाद से ही घर लौट रहे कामगार, यूपी व बिहार जाने के लिए लगी लाइनें

बहादुरगढ़ में अब भी भारी संख्या में फैक्ट्रियां चालू रहेगी। मगर जिन फैक्ट्रियों के मालिक और कच्चा माल दिल्ली से आता है उन फैक्ट्रियों पर काफी असर रहेगा। बहादुरगढ़ में करीब 7000 फैक्ट्रियां हैं और यहां पर दो लाख से ज्यादा कामगार काम करते हैं। श्रमिक घर लौटने लगे हैं

Manoj KumarTue, 20 Apr 2021 11:09 AM (IST)

बहादुरगढ़, जेएनएन। भाई साहब क्या बताएं, इस कोरोना महामारी ने तो हमें कहीं का नहीं छोड़ा है। पिछले साल तो हमें पैदल ही गोरखपुर तक जाना पड़ा था। लॉकडाउन खत्म हुआ तो वापस काम पर लौटे। अब फिर से कोरोना महामारी फैल रही है। दिल्ली में लॉकडाउन लग गया है। हमारे फैक्ट्री के मालिक दिल्ली से आते हैं। दो दिन पहले मालिक नहीं आए। ऐसे में अब अब सात दिन का लॉकडाउन लगने की वजह से फैक्ट्री मालिक नहीं आ पाएंगे। उन्होंने कल ही बोल दिया था फैक्ट्री बंद करने के लिए।

हम जूतों का अपर बनाते हैं। सात आठ बंदे ही फैक्ट्री में काम करते हैं। फैक्ट्री मालिक आता है तो काम चलता है वरना नहीं। अब कब तक यह लॉकडाउन रहेगा इसका भी अंदाजा नहीं है। ऐसे में हम घर ही जा रहे हैं। यह कहना है रामू, शैलेश, निरंजन, सोनू, अवधेश आदि का। ये सभी गोरखपुर के रहने वाले हैं और बहादुरगढ़ की बिहारी कॉलोनी में रहते हैं। यहां पास में ही एक फैक्ट्री में जूते के अपर बनाने का जॉब वर्क करते हैं। रामू ने बताया कि वे मेट्रो के जरिए आनंद विहार जाने के लिए मकान से निकले थे।

मगर सुबह आते ही मेट्रो के गेट बंद मिले। ऐसे में ऑटो में टीकरी बॉर्डर तक जाएंगे और वहां से पैदल ही या कोई दूसरा वाहन पकड़कर आनंद विहार स्टेशन जाएंगे। यह अकेले इन कामगारों की कहानी नहीं है। ऐसे भारी संख्या में कामगार बहादुरगढ़ से अब अपने घर लौट रहे हैं। कामगारों के लौटने का सिलसिला वैसे तो करीब एक महीने से चल रहा था, मगर ये कामगार वो थे जो या तो शादी समारोह या किसी काम से घर लौट रहे थे। मगर कोरोना महामारी का संक्रमण जैसे ही तेजी से फैलना शुरू हुआ तो दिल्ली में लॉकडाउन लग गया। ऐसे में पिछले साल वाली स्थिति ना हो जाए, इसलिए यहां के कामगार अब तेजी से घर लौट रहे हैं।

हालांकि बहादुरगढ़ में अब भी भारी संख्या में फैक्ट्रियां चालू रहेगी। मगर जिन फैक्ट्रियों के मालिक और कच्चा माल दिल्ली से आता है, उन फैक्ट्रियों पर काफी असर रहेगा। बहादुरगढ़ में करीब 7000 फैक्ट्रियां हैं और यहां पर दो लाख से ज्यादा कामगार काम करते हैं। अमूमन कामगार बिहार यूपी व अन्य प्रदेशों के हैं। ये सभी कामगार बहादुरगढ़ व  टीकरी बॉर्डर के आसपास की कालोनियों में रहते हैं।  जो कामगार दिल्ली के एरिया में रहते हैं वे लॉकडाउन की वजह से फैक्ट्रियों में नहीं जा पाएंगे। ऐसे में काफी संख्या में फैक्ट्रियों में अपना काम बंद कर दिया है। ऐसे में इनमे काम करने वाले दूसरे प्रदेशो के कामगार घर लौट रहे हैं।

काम न मिलने की आशंका में  सोमवार को भी भारी संख्या में कामगार बसों व प्राइवेट वाहनों के जरिए लौट गए थे और मंगलवार को भी काफी कामगार लौटने का सिलसिला चल रहा है। कुछ कामगार मेट्रो के जरिए जाना चाह रहे थे लेकिन मेट्रो सेवा आमजन के लिए बंद कर दी गई है। ऐसे में बहादुरगढ़ से ऑटो रिक्शा पकड़ कर टीकरी बॉर्डर तक ये कामगार गए और वहां से या तो पैदल ही या फिर अन्य साधनों का प्रयोग करके आनंद विहार स्टेशन से ये यूपी में बस व अन्य साधनों का प्रयोग कर अपने अपने घर लौट जाएंगे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.